वाराणसी। उत्तर प्रदेश के शिक्षित व प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नये सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन करने हेतु मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रारंभ किया गया है। योजना का लक्ष्य प्रति वर्ष 1 लाख युवाओं को वित्त पोषित कर इस स्वरोजगार मिशन द्वारा आगामी 10 वर्षों में 10 लाख सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना करना है।

उक्त जानकारी देते हुए उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र ने बताया कि योजनान्तर्गत ऐसे आवेदक पात्र होंगे जो उत्तर प्रदेश के निवासी हो, आयु 21 से 40 वर्ष हो, शैक्षिक योग्यता न्यूनतम कक्षा आठ उत्तीर्ण हो, सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण योजनाओं जैसे विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग प्रशिक्षण योजना, उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन द्वारा संचालित कौशल उन्नयन, आईटीआई आदि में प्रशिक्षित हो तथा पूर्व में पी० एम० स्वनिधि योजना के अतिरिक्त राज्य अथवा केंद्र सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य योजना में ब्याज अथवा पूंजी उत्पादन का लाभ प्राप्त न किया हो। योजनान्तर्गत प्रथम चरण में उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की अधिकतम रु 5 लाख तक की परियोजनाओं के ऋण पर अनुदान दिया जाएगा। ऋण कम्पोजिट प्रकृति का होगा। कुल परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत

टर्म लोन के रूप में होना अनिवार्य होगा । पूर्वांचल क्षेत्र के लाभार्थियों/आवेदकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा। लाभार्थियों को परियोजना लागत अथवा अधिकतम रु 5 लाख, जो भी कम हो, का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी के रूप में दिया जाएगा।परियोजना लागत के सापेक्ष बैंक/वित्तीय संस्था से लिए गए ऋण के शत प्रतिशत ब्याज का उपादान वित्त पोषण की तिथि से अगले 4 वर्षों के लिए दिया जाएगा। सीजीटीएमएसई कवरेज हेतु आवश्यक धनराशि का वहन भी 4 वर्षों तक राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। परियोजना स्थापित न करने अथवा 4 वर्षों की समयावधि में परियोजना बंद होने की स्थिति में मार्जिन मनी सब्सिडी की धनराशि वापस ले ली जाएगी। यह सब्सिडी इकाई के 4 वर्षों तक कार्यरत होने के उपरान्त उसके खाते में समायोजित की जाएगी। प्रथम चरण में लिए गए ऋण को समय से जमा करने वाले लाभार्थी द्वितीय चरण में अधिकतम रुपये 7.50 लाख तक की परियोजना पर 50% ब्याज उपादान हेतु पात्र होंगे जो 3 वर्ष तक देय होगा। इसके लिए 26 दिसंबर को पूर्वाह्न 11.00 बजे से 4.00 बजे तक दो पालियों में आयुक्त आडिटोरियम में वृहद कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है। योजना संबंधी विस्तृत जानकारी पोर्टल cmyuva.iid.org.in/home पर या कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र से प्राप्त किया जा सकता है।

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