वाराणसी। मंगलवार को संस्कृत विश्वविद्यालय में यूजीसी की त्रि सदस्यीय निगरानी समिति ने दो दिन जिसमें बुनियादी ढांचे की दिव्यांगजनों की सुविधाओं का विश्वविद्यालय में प्रत्येक स्तर पर सर्वेक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर सुगम्यता

आडिट रिपोर्ट लेकर रवाना हुई।

उससे पहले सम्पूर्ण रिपोर्ट के बारे कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा के साथ मिलकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

कुलपति प्रो शर्मा ने तीनों सम्मानित सदस्यों का अंग वस्त्रों एवं स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन करते हुए कहा कि “अतिथि देवो भव “ की भावना हमारी भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म -संस्कृति में निहित है।आज यूजीसी की तीन सदस्यीय समिति ने सम्पूर्ण परिसर का दिनाँक 23 एवँ 24 दिसम्बर तक दो दिनों में प्रत्येक स्तर पर दिव्यांग जनों के सशक्तिकरण का ध्यान रख आकलन किया गया।इससे दिव्यांगजनों के लिए सुलभ और समावेशी बनाने में व्यापक मदद करेंगे।जिसमें बुनियादी ढांचे की दृष्टि में रैम्प, लिफ्ट, सुलभ शौचालय तथा सुलभ शिक्षा सामाग्री के लिए ब्रेल लिपि एवं अन्य सामग्री तथा अन्य सेवाएं देने के लिए भारत सरकार(यूजीसी)कटिबद्ध है।

यूजीसी एक्सपर्ट प्रो राधेश्याम एमडी विश्वविद्यालय, रोहतक, हरियाणा ने आडिट रिपोर्ट लेकर बताया कि यह विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परम्परा का अद्भुत और उत्कृष्ट केंद्र है, यहां से सम्पूर्ण दुनियां को बहुत उम्मीद है, सम्पूर्ण परिसर मे भ्रमण करने से बहुत धनात्मक ऊर्जा का संचार महसूस हुआ, हमारी टीम ने यहां के रैम्प, शौचालय, पुस्तकालय, कार्यालय, छात्रावासों एवं कक्षाओं मे प्रवेश के द्वारा का अवलोकन किया जो कि बहुत अच्छा है,ऐसी सुविधाएं अन्य संस्थाओं मे देखने को नहीं प्राप्त हुआ,जो कि बुनियादी स्तर पर बहुत अच्छी है।शैक्षिक स्तर पर कुछ सुविधाओं मे वृद्धि के लिए व्यापक रूप से रिपोर्ट तैयार किया गया है।

यूजीसी के समन्वयक श्री अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि काशी में स्थित देववाणी का यह केन्द्र प्राच्यविद्या का संरक्षण एवं पोषण 235 वर्षों से अनवरत करते हुये अंतर्राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित है।विश्वविद्यालय के ज़न सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया है,इसके लिए जो कमी पाया गया है उसका रिपोर्ट मे जिक्र किया गया है जिसका ग्रांट शीघ्र ही इस संस्था को प्राप्त होगा।

इस समिति के सदस्य हैं प्रो. राधे श्याम, एमडी विश्वविद्यालय, रोहतक, हरियाणा, ए. गंगाथरन, सहायक प्रोफेसर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और श्री अशोक कुमार गर्ग, एओ, यूजीसी।

इस समिति का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में दिव्यांग सशक्तिकरण और सार्वभौमिक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाना है।

यूजीसी प्रभारी प्रो दिनेश कुमार गर्ग, प्रो विद्या कुमारी,महेश मणि, डॉ रघुनाथ पाल आदि उपस्थित थे।

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