
रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय, आजमगढ़
आजमगढ़।शहर के प्रतिष्ठित एवं पंजिकृत चिकित्सक के द्वारा ग्रामीण इलाके के छोटे छोटे चट्टी चौराहों पर निजी क्लिनिक चलाने वाले अनुभवशील एवं डिप्लोमाधारी लगभग दो सौ चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से संगठन सरकार, स्वास्थ्य विभाग एवं समाज के लोगों को यह संदेश दिया कि जो समाज के निचले स्तर पर कम पैसों में इलाज करके पीड़ित वंचित एवं गरीब जनता के जान की सुरक्षा करते हैं वह अब अप्रशिक्षित चिकित्सक नहीं हैं ।उनके चिकित्सा पद्धति में अब सुधार हो रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण चिकित्सकों को यह जानकारी दी जातीं है कि किस स्तर तक वह अपने यहां मरीजों का इलाज कर सकते हैं। ज्यादा सिरियस होने पर वह हायर सेन्टर में रिफर कर सकते हैं।
कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डा ए. के यादव (आर्थो), डा० नीतिश कुमार यादव (न्यूरो साइकियाट्रिस्ट), डा. अजीत कुमार (फिजिशियन) डा. मनोज यादव (वाइल्ड सर्जन) एवं डा. विशाल जायसवाल (फिजिशियन) रहे ।
ग्रामीण चिकित्सकों को ग्रामीण स्तर पर होने वाले बीमारियों के बारें में जागरूक किया एवं नई नई दवाइयों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
चिकित्सा क्षेत्र के निचले स्तर पर सुधार करने के लिए ऐसे कार्यक्रम को बेहतरीन कार्यकम बताया और संगठन को विश्वास भी दिया कि ऐसे कार्यक्रम में हम सदैव संगठन का सहयोग करते रहेगें।
संगठन के प्रदेश सचिव डा. संतोष शर्मा ने कहा कि हमारी 12 सुत्रीय मांग जो उ०प्र० सरकार से काफी दिनों से लंबित है लेकिन सरकार जब तक हमारी मांग नहीं मान रही है तबतक हम स्वयं रजिस्टर्ड चिकित्सक के द्वारा इन ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण (CME) दिलाकर उन्हें ट्रेंड करने और बीमारी पर किस स्तर तक हम इलाज कर सकते हैं इनकी जानकारी विधिवत दी जा रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डा. अजय जैसवारा ने की ।
मंच संचालन डा. दिनेश शर्मा ने किया।
इस दौरान डा. अनिल सरोज, डा. एस. के तिवारी, विनोद शर्मा, अनुराग गुप्ता, रामजीत सोनकर, गुलाब विश्वकर्मा, आर.बी.रंजन, ओ. पी. सरोज, गौरंगा कुन्डू, जयहिन्द विश्वकर्मा, चन्द्रेश, अजय तिवारी, राधेश्याम यादव, बी.के. सिघम, नन्दलाल मौर्या, उपानन्द मल्लिक, शादाब अहमद, अनुराग चौरसिया, सचिन पाण्डेय, आर.एस. कौसल, पप्पू कुमार, विजय कुमार, जितेन्द्र यादव, राजेन्द्र प्रसाद, के.राज, मनोज चौहान, बहादुर सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे।
