वाराणसी। उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा “मंडलीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी” का आयोजन अर्बन हॉट प्रांगण, चौकाघाट में 27 दिसम्बर से 10 जनवरी तक किया जा रहा है। इस मंडलीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में चौथे दिन तक 63 लाख की बिक्री हुआ। प्रदर्शनी में खादी वस्त्रों व ग्रामोद्योगी वस्तुओं की जमकर खरीदारी हो रही है। उपभोक्ता खादी पर 30 प्रतिशत छूट का लाभ उठा रहे है।

परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी यू0पी0 सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश दूरस्थ स्थानों के कामगारों द्वारा उत्पादित खादी ग्रामोद्योग सामानों की अधिक से अधिक बिक्री हो, ताकि उनकी आजीविका में सुधार हो सकें और महात्मा गाँधी जी का सपना साकार हो। प्रदर्शनी में कुल 113 स्टाल लगाये गये है, जिसमें 25 स्टाल खादी उद्योग एवं 88 स्टाल ग्रामोद्योगी उत्पाद के लगे है। खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी 10 जनवरी, 2025 तक चलेगी। प्रदर्शनी में खादी के आधुनिक वस्त्र, खादी के बने कटिया, मूंगा

और सूती वस्त्र, कुर्ता, पैजामा, शर्ट, गमछा, धोती, रूमाल, लूंगी, रजाई गददे, डिजाईनर साड़ियाँ,

बनारसी साड़ियाँ काटन की साड़ियाँ और काश्मीरी शाल, सूट स्टाल, स्वेटर जैकेट एवं उत्तराखण्ड

की ऊनी जैकेट एवं सहारनपुर के बने कम्बल, नक्काशीदार सोफा, बेड, दिवान झूला एवं लकडी के

बने आधुनिक सामान। प्रतापगढ एवं वाराणसी के ऑवला से निर्मितं खाद्य सामग्री जैसे लडडू, बर्फी,

कैंडी, सिरका एवं अचार जैसे आम का अचार नीबू का अचार, लहसून का आचार एवं अदरक आचार, कानपुर के बने चमडे के सामान जैसे जूता, चप्पल, बेल्ट, पर्स एवं आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बनी दवायें एवं चन्दन, चन्दन फेस पैक एवं रूदाक्ष, अंगूठी और दर्द नाशक तेल प्रदर्शनी में भारी छूट के साथ उपलब्ध है। प्रदर्शनी में आये हुए सभी लोगो से अनुरोध है कि स्वदेशी सामान खरीद कर इस देश को मजबूत बनाइये। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराना एवं विपणन

में सहायता व बिक्री के लिये प्रोत्साहित किया जाना है।

परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी ने लोगों की जनता से अनुरोध किया है कि वे एक बार प्रदर्शनी में अवश्य पधारे।

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