
वाराणसी। प्रेमचंद की बलिदान कहानी सामाजिक वास्तविकता पर आधारित है। यह त्याग और समर्पण को बढ़ावा देता है। इस कहानी में उन्होंने जमींदारों के अन्याय और किसानों की पीड़ा का चित्र प्रस्तुत किया। यह बातें प्रो. श्रद्धानंद ने प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र (लमही) की ओर से प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ 1420 दिवस पूर्ण होने पर कहीं। प्रेमचंद की कहानी बलिदान का पाठ कवि दिलीप कुमार पाठक सरस ने किया। श्री पाठक का सम्मान प्रो. श्रद्धानंद, डा. राम सुधार सिंह ,पार्षद ज्ञानचंद सिंह व निदेशक राजीव गोंड ने किया। अश्वित दूबे प्रेमचंद मित्र सम्मान से सम्मानित किया गया। संचालन आयुषी दूबे और स्वागत मनोज विश्वकर्मा ने किया। इस अवसर संतोष प्रित, डा.शरद श्रीवास्तव, आनंद कृष्ण माशुम , एमपी सिंह, बुद्ध देव तिवारी, कुमार महेंद्र, यश, रोहित गुप्ता,अजय यादव, संजय श्रीवास्तव, राहुल विश्वकर्मा, राहुल यादव, सुजीत सिंह थे।
