चंद्रा साहित्य परिषद (सिंगरौली) इकाई का प्रथम शानदार काव्य गोष्ठी 

 

सोनभद्र।शनिवार को चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) मध्य प्रदेश – सिंगरौली इकाई द्वारा जिला मुख्यालय बैढ़न में प्रथम काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ I

प्रसिद्ध समाज सेवी एवं नारायण इंटर नेशनल कंपनी के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक श्री जगत नारायण चौरसिया सहित वरिष्ठ जन ने मां सरस्वती जी चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर प्रथम काव्य गोष्ठी का शुभारंभ किया।

चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि इंजीनियर राम नरेश “नरेश” ने उपस्थित सभी कवियों को अंग वस्त्र, माल्यार्पण और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया I

सुप्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती साधना सुपेकर के सरस्वती वंदना मां शारदे,मां शारदे जो भले हैं उनको तार दे,से गोष्ठी का शुभारंभ हुआ । इसी के साथ गीत, गज़ल, छंद और हास्य व्यंग की कविताओं का दौर कवियों ने प्रस्तुत किया।

लोक संगीत और लोक जन के पारंपरिक गीत जहां आज के हिंदी सिनेमा के आगे विलुप्त प्रायः होते जा रहे हैं, उनको पुनः से प्रतिष्ठापित करने और भोजपुरी सिनेमा की अश्लीलता को जड़ से मिटाने के लिए कवियों ने अपनी हिंदी,भोजपुरी और बघेली की हास्य व्यंग की रचनाओं के माध्यम से पुरजोर समर्थन किया I

डॉ. ब्रजेंद्र कुमार शुक्ल जी की व्यंग और सरस कविताओं ने खूब वाह वाही लूटी I

श्री कृपा शंकर माहिर जी जहां शुद्ध हास्य का संदेश देते हुए ,अपने पुराने अंदाज में कि, कौन निभाता है राष्ट्र धर्म वहीं अनेकों गीत गज़ल और श्रृंगार के गीत पढ़कर एक सरस और संगीत मय माहौल बनाकर खूब तालियां बटोरी I

प्रविंदु दूबे चंचल जी ने अपनी रचनाओं से गोष्ठी को शीर्षता प्रदान करते हुए ‘अर्थ की अभियांत्रिकी का काम चुम्बक सा हुआ है,सुनाया और ऐसे समाज की स्थापना पर बल दिया कि, मानवता ही सर्व पूज्य है I एन टी पी सी के श्री अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने हिंदी ही अपनी ताकत है,इसे बढ़ाना है आगेI

श्रीमती साधना सुपेरकर – केवल जीना और जाना है,मार्मिक रचना सुनाकर स्मृति शेष चंद्रावती नरेश को काव्यांजलि अर्पित किया I

श्री रविंद्र मिश्रा “नगद,मोटा माल,बंगला और मोटर कार दे मां शारदे से कवियों को खूब हंसाया I युवा कवयित्री श्रीमती कृतिका द्विवेदी ने श्रृंगार गीतों से काव्य महफ़िल को सजा दिया “घाट पे युगल एक देखा जो अनंग सा तो ,अपनी मिलन का बसंत याद आ गया I

श्री राम खेलावन मिश्रा की बघेली कविता “आये आजु मोरे भइया,खुशी छाई घर अंगनइया”,श्री रमा कांत पांडेय ने “बेटियां सबके आंगन में तुलसी सी हैं,स्नेह सम्मान सदैव इन्हें दीजिए” सुनाकर बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया I

कवि राम नरेश “नरेश” ने “ऊर्जा की राजधानी से साधना – साहित्य की सरिता बहती है” सुनाकर मध्य प्रदेश के कवियों की साहित्यिक धरोहर और बघेली संस्कृति को संभाल- सजो कर रखने का संदेश दिया I

नरेश निवास बैढ़न सिंगरौली में इस तरह की आयोजित प्रथम और शानदार काव्य गोष्ठी में सभी कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाओं से इस प्रथम काव्य गोष्ठी को नई ऊंचाई दी I

मुख्य अतिथि श्री जगत नारायण चौरसिया जी ,गोष्ठी की अध्यक्षता श्री कृपा शंकर माहिर मिर्ज़ापुर तथा संचालन रीवा से आये डॉ. बृजेन्द्र कुमार शुक्ल ने किया I

मुख्य अतिथि श्री जगत नारायण चौरसिया जी अपने संबोधन में चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) मध्य प्रदेश जिला सिंगरौली इकाई के गठन के लिए सभी कवियों और चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) को बधाई देते हुए कहा कि,ऐसी ही गंभीर और समाज को जोड़ने वाली रचनाओं को चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) पटल के माध्यम से पूरे देश में विस्तारित करने की आवश्यकता है तथा श्री नरेश जी के इस भगीरथ प्रयास से चंद्रा और नरेश के इस ट्रस्ट को ताज महल के यादगार को स्वरूप बनाये रखना है I

इस संस्था के निर्माण का संपूर्ण श्रेय प्रेरणा श्रोत स्मृतिशेष चंद्रावती नरेश को ही जाता है, जिसके लिए उनको कोटि- कोटि नमन है I

धन्यवाद ज्ञापित करते हुए संस्था के अध्यक्ष इंजीनियर राम नरेश “नरेश” ने जहां चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) को कवियों का एक समृद्ध और सशक्त मंच बताया,वहीं इस संस्था को हिंदी भाषी राज्यों में और विस्तार करने की अपनी योजना के लिए सभी से सहयोग के लिए साधुवाद दिया I

इस भव्य काव्य पाठ के लिए चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट)- सिंगरौली इकाई में उपस्थित सिंगरौली व रीवा से आये कवियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस गोष्ठी को निरंतरता प्रदान करने का भी आग्रह किया I

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *