
इस प्रदर्शनी का उद्देश्य नवीन पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और सेल्युलर जेल के महत्व से अवगत कराना था।— प्रो विधु द्विवेदी…

इस प्रदर्शनी से देश के इतिहास और संस्कृति के बारे में जानने का अवसर प्राप्त होगा— मुख्य अतिथि साक्षी पाण्डेय …

रिपोर्ट वरिष्ठ संवाददाता
वाराणसी।गणतन्त्र दिवस के अवसर पर सेल्युलर जेल पर आधारित दो दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य नवीन पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और सेल्युलर जेल के महत्व से अवगत कराना था।प्रदर्शनी में सेल्युलर जेल की ऐतिहासिक तस्वीरें, क्रांतिकारियों की जीवनियां, और स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शनी ने नवीन पीढ़ी को भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई के बारे में जानने और समझने का अवसर प्रदान किया।
मुख्य अतिथि- साक्षी पाण्डेय (विनर मिसेज बनारस)ने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से नवीन पीढ़ी को सेल्युलर जेल का ऐतिहासिक महत्व,स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों की जीवनियाँ,भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई के महत्वपूर्ण घटनाक्रम,देशभक्ति और स्वतंत्रता की लड़ाई में योगदान का महत्व इस प्रदर्शनी ने नवीन पीढ़ी को देश के इतिहास और संस्कृति के बारे में जानने और समझने का अवसर प्रदान किया।
उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी की आधुनिक ज्ञान विज्ञान संकाय की प्रमुख प्रो विधु द्विवेदी ने आज दो दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन सामाजिक विज्ञान विभाग, पुरातत्त्व संग्रहालय एवं इण्डियन एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
पुरातत्त्व संग्रहालयमें आज अण्डमान निकोबार सेल्युलर जेल पर आधारित प्रमुख छायाकार राजकुमार प्रसून के छायाचित्र का 75 वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर प्रदर्शनी-2025 का दीप प्रज्जवलित कर प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर बतौर अध्यक्षीय उद्बोधन व्यक्त किया।जिसका समापन 26 जनवरी 2025 दोपहर 12:30 बजे होगा।
*ऐसी प्रदर्शनी सभी शिक्षा केंद्रों में लगायी जानी चाहिए*–
सामाजिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजनाथ ने सेल्युलर जेल के छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन सत्र में कहा कि इस तरह की प्रदर्शनी देश के समस्त विद्यालयों व विश्वविद्यालयों में सरकार की तरफ से लगायी जानी चाहिए जिससे आज के हमारी युवा पीढी आजादी को प्राप्त करने के लिए कितने वीर सपूतों ने अपनी प्राणों की आहूति दिया कितनी यातनाएं सही इसे भी समझ सकें। ताकि देश की स्वतन्त्रता को अक्षुण बनाए रखने के लिए वे भी अपने प्राणों की आहूति देने के लिए सहस तैयार रहें। इस अवसर पर उन्होंने खुदीराम बोस, उधम सिंह, बहादूर शाह जफर एवं अन्य जाने अन्जाने तमाम उन क्रान्तिकारियों को जिन्होने देश की आजादी में आहूति दी अपनी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजली दिया तथा उपस्थित छात्रों एवं जनसमूह से अपील किया कि देश की आजादी को अक्षुण रखने के साथ-साथ अपनी संस्कार, संस्कृति, को भी बनाए रखना होगा यही हमारी सच्ची आजादी होगी।
सहज एकेडमी के प्रबन्धक निलेन्द्र कुमार सिंह ने छायाचित्र प्रदर्शनी से प्रभावित होकर आगामी 29 व 30 जनवरी को विद्यालय के सभागार में छायाचित्र प्रदर्शनी लगाने की घोषणा की।
समारोह की विशिष्ट अतिथि प्रो. जितेन्द्र शाही, प्रो. रामपूजन पाण्डेय, प्रो. राजनाथ, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, तथा संचालन डॉ. कैलाश सिंह विकास, धन्यवाद प्रकाश पुरातत्त्व संग्रहालय के अध्यक्ष डॉ. विमल कुमार त्रिपाठी ने किया।
समारोह में प्रो. हरि प्रसाद अधिकारी, प्रो. रमेश कुमार, प्रो. शरद कुमार, प्रो. हरि शंकर पाण्डेय, डॉ. सतेन्द्र यादव, डॉ. सन्तोष कुमार सिंह, डॉ. विमल कुमार त्रिपाठी, डॉ. कैलाश सिंह विकास, राजकुमार प्रसून, विनय श्रीवास्तव, मो. दाऊद, राजु वर्मा, राजेन्द्र श्रीवास्तव, अमित पाण्डेय, संदीप चौबे, राकेश कुमार, दुर्गा प्रसाद, मोहन लाल, तेजस कुमार सिंह सहित अनेक वरिष्ठ जन छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।
