मौनी अमावस्या के महान पर्व पर पूरे प्रदेश में नही होगा कोई विरोध प्रदर्शन
वाराणसी।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आवाहन पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के निर्णय के विरोध में मंगलवार को प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजना मुख्यालयों की भांति बनारस के बिजली कर्मियो ने भी भिखारीपुर स्थित हनुमानजी मंदिर पर विरोध प्रदर्शन किया और मोमबत्ती जुलूस निकाल कर अपना विरोध दर्ज किया। विश्व के सबसे बड़े नगर कुंभ नगर में बिजली कर्मी बिजली का नया कीर्तिमान स्थापित करने हेतु पूरी तरह संकल्प बद्ध और तैयार है।
संघर्ष समिति के निर्देश पर 29 जनवरी को प्रयागराज के महाकुंभ में लगभग 10 करोड लोगों को बिजली की किसी प्रकार की दिक्कत न हो इस हेतु तमाम बिजली कर्मचारी दिन-रात जुटे हुए हैं और श्रेष्ठतम बिजली व्यवस्था का कीर्तिमान बनाने के लिए तैयार है। इसलिए 29 जनवरी2025 को मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में महाकुंभ में तथा पूरे प्रदेश में श्रेष्ठतम बिजली व्यवस्था बनाए रखने हेतु संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि 29 जनवरी को पूरे प्रदेश में कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।
प्रयागराज के बिजली कर्मियों को संघर्ष समिति ने 28, 29 और 30 जनवरी को किसी भी आंदोलन से अलग रखा है और निर्देश दिया है कि वह महाकुंभ में बिजली की श्रेष्ठतम व्यवस्था का कीर्तिमान स्थापित करें।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2016 में उज्जैन महाकुंभ के दौरान उज्जैन की बिजली व्यवस्था निजी कंपनी के पास थी और निजी कंपनी ने महाकुंभ के दौरान बिजली का नेटवर्क तैयार करने और बिजली आपूर्ति करने से इनकार कर दिया था।इसके बाद म0प्र0 सरकार को निजीकरण का करार रद्द करना पड़ा था।
सभा की अध्यक्षता ई0 माया शंकर तिवारी ने एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया।
सभा को सर्वश्री ई एस केसिंह, ई नवदीप सिंह, ई नरेंद्र वर्मा, वेदप्रकाश राय,रामकुमार झा,संदीप कुमार,ई राजेन्द्र सिंह,रामजी भारद्वाज, राजेश कुमार,अमितानंद त्रिपाठी,रंजीत पटेल,धर्मेंद्र यादव,संतोष वर्मा,रमाशंकर पाल, मनोज सोनकर, आदि ने संबोधित किया।
