
वाराणसी। प्रमुख सीए ऋषभ गुप्ता का मानना है कि इस बार की बजट को हम वास्तव में मध्यम वर्ग का बजट बोल सकते हैं क्योंकि इस बजट में कई तरह की रियायतें दी गई है जैसे इंडिविजुअल उसके लिए जो टैक्स का स्लैब है उसको बढ़ाया गया है बेसिक एक्ज़ेम्पशन लिमिट बढ़ाकर के चार लाख कर दी गई है और अगर नेट में देखा जाए तो बारह लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना है अगर आपकी आय बारह लाख रुपये से ऊपर है तो आप स्लैब के हिसाब से टैक्स देंगे जो कि पहले से बहुत कम है
छोटे ट्रस्टों को भी रियायत दी गई है उनके रजिस्ट्रेशन की अवधि को पांच साल से बढ़ाकर दस साल कर दिया गया है।
स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए उनके रजिस्ट्रेशन की समयावधि को पांच साल और बढ़ा दिया है
इसी क्रम में सरकार ने और भी बहुत से अच्छे बदलाव और सुधार किए हैं।
