
वाराणसी/प्रयागराज। स्पिक मैके तथा एचसीएल एवं जेबीएल के संयुक्त तत्वाधान में सात दिवसीय अनहद नाद कार्यक्रम में सोमवार को संगम की धार के बीच ध्रुपद की लय धार सुनाई दी। कार्यक्रम की शुरुआत ध्रुपद गायन की महान प्रतिमूर्ति एवं केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पंडित प्रेम कुमार मल्लिक के गायन से हुआ। उन्होंने बताया की ध्रुपद गायन और श्रवण दोनों के लिए धैर्य आवश्यक है। कार्यक्रम के तीसरी संध्या में सोमवार को अपनी अनुपम गायन कला से उन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पं मल्लिक ने ध्रुपद संगीत की गहरी विशेषताओं के बारे में बात की और साथ ही संगीत की शुद्धता, निरंतरता और इसके अद्वितीय शास्त्रीय सौंदर्य को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पिक मैके को ऐसे कार्यक्रमों के लिए धन्यवाद दिया। स्पिक मैके के प्रदेश सचिव श्रेयश शुक्ला ने कहा- “अनहद-नाद कार्यक्रम दर्शकों को भारतीय संगीत की अनमोल धरोहर से जोड़ने में एक अहम भूमिका निभा रहा है। स्वागत विद्यालय की निदेशक सोनू सिंह, संचालन शांभवी शुक्ला ने किया । कार्यक्रम के दौरान सुजाता सिंह, डॉ मधु शुक्ला सहित श्रोताओं की उपस्थिति रही।
