
वाराणसी। बसनी स्थित साईं इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट में छह सप्ताह से चल रहे अगरबत्ती, धूप, हवन सामग्री, सुगंधित मोमबत्तियाँ उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं के लिए उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि शाखा एमएसएमई विकास कार्यालय एमएसएमई मंत्रालय के सहायक निदेशक आरके चौधरी ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का यह प्रयास सराहनीय है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं अपने स्टार्टअप स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। एफएफडीसी और साईं इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट बधाई के पात्र हैं। यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के जिला प्रबंधक अविनाश अग्रवाल ने कहा महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अगरबत्ती, हवन सामग्री और अन्य उत्पादों के माध्यम से महिलाएं अपनी पहचान बना सकती हैं।बाजार में अपनी जगह बना सकती हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर हैं। हुनर-ए-बनारस और साईं इंस्टिट्यूट जैसी संस्थाएं समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रही हैं। अध्यक्षता करते हुए साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने कहा कि आज का दिन उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य कर रही हैं। स्वागत आर्यवर्त फाउंडेशन के अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला, धन्यवाद ज्ञापन अनुपमा दुबे ने किया। इस अवसर पर ट्रेनर दुर्गेश मिश्रा, अंजना त्रिपाठी, सरिता श्रीवास्तव, ज्योति कुमारी, दुर्गा पाण्डेय, ममता सिंह, सहित 40 महिलाओं ने भाग लिया ।
