साहित्यकार डॉ राम सुधार सिंह ने भेंट की अपनी पुस्तक चलो मन तुम काशी की प्रति 

वाराणसी। मातृभाषा दिवस पर विद्याश्री न्यास कार्यालय (अभिलाषा कॉलोनी) में विद्या निवास शताब्दी वर्ष में भारतीय भाषाओं के संदर्भ में पंडित जी की भारतीय भाषाओं से संदर्भित मौलिक अवधारणा पर एक संगोष्ठी हुई। जिसमें प्रोफेसर आर चंद्रशेखरन, निदेशक केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान चेन्नई, उपनिदेशक भारतीय भाषा संस्थान मैसूर डॉ एल आर प्रेम कुमार , केंद्रीय शास्त्रीय संस्थान चेन्नई के डॉक्टर एम गोविंद राजन की विशेष उपस्थिति रही। काशी तमिल संगमम में काशी पधारे इन विद्वानों का स्वागत करते हुए विद्याश्री न्यास के सचिव डॉ दया निधि मिश्रा ने कहा विद्या निवास मिश्र की भारतीय भाषाओं के संदर्भ में अपनी मौलिक अवधारणा थी। वे चाहते थे की हिंदी के साथ समस्त भारतीय भाषा विशेष कर दक्षिण की भाषाएं एकता के सूत्र में बंधकर मजबूत बनें। केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान चेन्नई के निदेशक प्रो आर चंद्रशेखरन ने कहा कि संस्थान द्वारा तमिल तेलगु कन्नड़ जैसी प्राचीन भाषाओं के शास्त्रीय ग्रंथों के अनुवाद संस्थान द्वारा हिंदी में व्यापक स्तर पर कराया जा रहा है । उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण की भाषाओं के विकास के मूल में संस्कृत है जिससे हिंदी का विकास हुआ है । इन प्राचीन भाषाओं का काशी से गहरा संबंध रहा है। डॉ एम गोविंद राजन ,जिन्होंने तमिल के प्राचीन ग्रंथो का हिंदी अनुवाद किया है, कहा कि मुझे तमिल भाषा के प्राचीन ग्रंथो का हिंदी अनुवाद करने में परम संतोष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि हिंदी भाषा भाषियों को तमिल भाषा सीखाने का संकल्प लिया है और तमिल हिंदी प्रशिक्षण संबधी पुस्तकों को भी तैयार किया है ।काशी के तमाम लोग इसमें रुचि ले रहे हैं ।भारतीय भाषा संस्था मैसूर के डॉक्टर प्रेम कुमार ने संस्था की गतिविधियों से सभी को परिचित कराया और कहा कि काशी तमिल संगम प्रधानमंत्री मोदी की एक अद्भुत योजना है जिससे पूरा देश एकता के सूत्र में बंधने की दिशा में अग्रसर है। विद्वानों ने आने वाले दिनों में विद्यार्थी न्यास के साथ मिलकर एक बड़ी राष्ट्रीय संगोष्ठी करने की आवश्यकता पर बल दिया।कहा कि चेन्नै तथा मैसूर में इस विषय पर व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में एक व्यापक योजना बनाकर इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। संगोष्ठी में भारतीय भाषा केंद्र उदय प्रताप कॉलेज के पूर्व सहायक निदेशक साहित्यकार डॉ राम सुधार सिंह ने निदेशक को अपनी पुस्तक चलो मन तुम काशी की प्रति भेंट की ।निदेशक ने पुस्तक की प्रशंसा करते हुए आश्वस्त किया कि इस पुस्तक का तमिल भाषा में अनुवाद संस्थान द्वारा कराया जाएगा। इस अवसर पर प्रोफेसर आर चंद्रशेखरन द्वारा केंद्रीय तमिल संस्थान चेन्नई द्वारा भाषा को प्राचीन ग्रंथो का हिंदी अनुवाद विद्याश्री न्यास को भेंट की। सभा की अध्यक्षता प्रो चंद्रशेखर ने की। संचालन डॉ प्रकाश उदय ने किया। संगोष्ठी में प्रो उदयन मिश्र, अरविंद कुमार पांडेय, सत्येंद्र राम, वीरेंद्र राम त्रिपाठी ने भी विचार व्यक्त किए।

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