वाराणसी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (अष्टम) शिखा यादव की अदालत ने चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हुई असामयिक मौत के मामले में उपकार नर्सिंग होम की निदेशक डा विभा मिश्रा उनकी पुत्री डा इशिता अवस्थी व डा निशांत मिश्र के खिलाफ भेलूपुर थानाध्यक्ष को आदेश दिया है कि समुचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करें।

बजरंग नगर कॉलोनी, छित्तूपुर, थाना सिगरा निवासिनी परिवादिनी निशा रानी शर्मा ने अपने अधिवक्ता राजेश त्रिवेदी, राज कुमार तिवारी शशांक शेखर त्रिपाठी, शशिकांत दुबे,आशुतोष शुक्ला, सूर्यभान तिवारी दीपक वर्मा के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी (अष्टम वाराणसी) की अदालत में बीएनएसएस की धारा 173 (4) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें महमूरगंज, थाना भेलूपुर स्थित उपहार नर्सिंग होम प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक डॉ विभा मिश्रा, उनकी पुत्री इशिता अवस्थी तथा अज्ञात कंसलटेंट एनेस्थेटिक डॉक्टर निशांत मिश्रा को प्रतिवादी बनाते हुए यह आरोप लगाया था कि इन लोगों की लापरवाही से उनकी सॉफ्टवेयर इंजीनियर पुत्री श्रीमती वर्षा शर्मा की मौत हुई। इन लोगों ने वाराणसी के कई अस्पतालों में अनावश्यक रूप से उनकी पुत्री को रेफर करने के नाम पर घुमाया और स्थानीय अस्पतालों ने उसे लखनऊ के मेदांता और एसजीपीजीआई अस्पताल में रेफर किया लेकिन उसकी जान नहीं बची। इनकी लापरवाही के कारण उनकी पुत्री कोमा में चली गई और फिर कभी होश में नहीं आई और उसने दम तोड़ दिया। आरोप है कि उन्होंने अपनी पुत्री को डॉ विभा मिश्रा के उपहार नर्सिंग होम में मासिक रक्त स्राव के कारण मई 2023 को भर्ती कराया था । उस समय उसकी बड़ी बहन श्वेता शर्मा भी साथ में थी। चिकित्सकों ने जांच के नाम पर उसे गलत दवाएं और इंजेक्शन दिया ।जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई और एक समय ऐसा आया जब वह कोमा में चली गई।

उक्त मामले में शुक्रवार को वरुणा पुल, नदेसर स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता बताया।

पत्रकार वार्ता में मृतका वर्षा शर्मा की मां श्रीमती निशा रानी शर्मा, मामा राजेश त्रिवेदी और शैलेश त्रिवेदी बबलू रहे।

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