
वाराणसी। कैलाशपुरी सेवा आश्रम में रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग में काशी की सुप्रसिद्ध सांस्कृतिक,सामाजिक व धार्मिक संगठन ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्वमहासंघ ट्रस्ट द्वारा स्थापित श्रीकुल पीठ के तत्वावधान में श्रीकुल पीठ के विस्तार के क्रम में श्रीकुल पीठाधीश्वर श्रीश्री 1008 डा०सचिन्द्रनाथ जी महाराज एवं आचार्य पीठाधीश्वर दस महाविद्या साधक पं०दिवाकर जी महाराज के मार्गदर्शन में इतिहास में पहली बार दिव्यांग पीठ के लिए स्वामी कृपानन्द जी महाराज का महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक कर विश्व भर के दिव्यांगजनो के श्रेष्ठ आध्यात्मिक जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त किया।
नवनियुक्त श्रीकुल दिव्याँगपीठ महामंडलेश्वर के दशकों से कुंडलिनी जागरण एवं विपासना साधना में किए गए अभूतपूर्व कार्य को सम्मान देते हुए स्वामी कृपानन्द महाराज को श्रीश्री 1008 से सुशोभित किया गया।
उपरोक्त अवसर पर श्रीकुल पीठाधीश्वर व दिव्यांगपीठ महामंडलेश्वर ने वेद भगवान के सर्वे भवंतु सुखीना सर्वे संतु निरामया को आज के कार्यक्रम से चरितार्थ करते हुए सर्वजन हिताय – सर्वजन सुखाय के महामंत्र के साथ दिव्यांगजनो को समाज के अग्रिम पंक्ति में उपस्थिति दर्ज करवाते हुए भारतवर्ष को विश्वगुरु की संज्ञा से सुशोभित करवाने का आह्वाहन किया।
कार्यक्रम में पीठ के महंत भैरवानंद जी महाराज, दिव्यांग जनों हेतु समर्पित एवं सरकार के पूर्व सलाहकार सदस्य श्री उत्तम ओझा जी, व्यापार मंडल अध्यक्ष श्री अजीत बग्गा जी, कराटे खेल प्रशिक्षक श्री अखिलेश रावत जी, समाज सेवी धीरेंद्र पाण्डेय जी, एस एन उपाध्याय जी, ब्रह्मराष्ट्र एकम् युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्री कुशाग्र मिश्र जी, पं०अर्जून दास जी महाराज,संतोष कश्यप जी, राकेश गुप्ता जी, राजू जी, सुर्य प्रकाश जी सहित अनेकों गणमान्य उपस्थित रहें!
