
वाराणसी। योगी अखाड़ा परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राधेश्याम महाराज ने देश के युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशाखोरी की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे राष्ट्र और समाज के लिए गंभीर अभिशाप बताया है। उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार नशे का चलन युवाओं के बीच फैशन और आधुनिकता के नाम पर बढ़ता जा रहा है, वह अत्यंत चिंताजनक है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो इसके दुष्परिणाम पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे।
स्वामी राधेश्याम महाराज ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यहां का युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। लेकिन आज अनेक युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपना स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को समाप्त कर देता है और उसे गलत रास्ते पर ले जाता है। इसलिए प्रत्येक परिवार, समाज और सरकार की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि युवाओं को इस बुराई से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अपराधों की जननी नशा है। समाज में बढ़ रही चोरी, लूट, हत्या, सड़क दुर्घटनाएं, घरेलू हिंसा और अन्य आपराधिक घटनाओं के पीछे कहीं न कहीं नशे की भूमिका देखने को मिलती है। जब तक नशे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया जाएगा, तब तक अपराधों पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं होगा।
स्वामी राधेश्याम महाराज ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और सेवन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा सामाजिक और धार्मिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि युवा नशे के दुष्परिणामों को समझ सकें और इससे दूर रहने का संकल्प लें। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नशे जैसी विनाशकारी प्रवृत्तियों से दूर रहकर योग, खेल, शिक्षा, अध्यात्म और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का आधार बनाएं। स्वामी राधेश्याम महाराज ने कहा कि स्वस्थ, संस्कारित और चरित्रवान युवा ही भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प साकार कर सकते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि नशामुक्त भारत ही सुरक्षित, समृद्ध और विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है।











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