
वाराणसी। उदय प्रताप कालेज जन्तु विज्ञान विभाग तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के संयुक्त तत्त्वावधान में राजर्षि सेमिनार हॉल में जलीय वन्यजीव संरक्षण विषयक कार्यशाला आयोजित हुआ। शुभारंभ उदय प्रताप शिक्षा समिति के सचिव न्यायमूर्ति एसके सिंह ने किया।
उन्होंने कहा कि आज प्रकृति अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। इसके लिए सभ्यता का असंयमित विकास मूल रूप से उत्तरदाई है। क्योंकि शहरी बस्तियों और औद्योगिक अपशिष्ट को सीधे गंगा जैसी पवित्र नदियों में बहाया जा रहा है। नदियों में फेंका गया प्लास्टिक मछलियों के माध्यम से पुनः मनुष्य के शरीर में पहुंच रहा है और गंगा आदि नदियों पर बांध बनाकर उनके स्वाभाविक बहाव को रोका जा रहा है स्वागत प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह, संचालन प्रो. सुधीर कुमार राय धन्यवाद ज्ञापन डा. संजय श्रीवास्तव ने किया। जन्तु विज्ञान विभाग के सेमिनार हॉल एवं फिस बायलोजी लैब का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर प्रो. बनारसी मिश्र, प्रो. नरेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. शशिकांत द्विवेदी, प्रो. संत राम बरई , डा डीडी. सिंह, प्रो. गोरखनाथ, प्रो . पंकज कुमार सिंह, श्री ए. के. सिंह, डा. बृजेश कुमार सिन्हा, डा. अनुराग उपाध्याय , डा. सतीश प्रताप सिंह, डा. अश्विनी कुमार निगम आदि थे।
