प्रधानाध्यापक एवं तीन अन्य को कारण बताओं नोटिस

 

वाराणसी। हरहुआ ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय पुआरी खुर्द अध्यापकों की आरामगाह बन गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को लगातार प्राप्त हो शिकायतों के क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार पाठक ने विद्यालय पुआरी खुर्द का दोपहर दो बजे के करीब औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कुल 13 स्टाफ में से मात्र 7 लोग उपस्थित थे। 6 लोग अनुपस्थित थे। जिसमें दो महिलाएं सीसीएल एवं चिकित्सीय अवकाश पर थी। शेष तीन अध्यापक हस्ताक्षर कर के गायब थे। विद्यालय में अध्यापकों की अनुशासनहीनता का आलम यह था कि पीछे एक कक्षा कक्ष को रंगाई पुताई कर उसमें कालीन एवं गद्दा बिछा कर शयन कक्ष बनाया गया था। साथ ही बगल में एक सिंगल बेड जैसा फोल्डिंग बेड रख कर शयन कक्ष बनाया गया था।

निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक संजय कुमार, सहायक अध्यापक संतोष कुमार मिश्र, सहायक अध्यापक गिरीश प्रसाद उसमें सोते हुए पाए गए। जैसे ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कक्षा कक्ष में प्रवेश किया तीनों उठकर हड़बड़ा कर वहां से बाहर की ओर निकल गए। निरीक्षण में भारी मात्रा में पाठय पुस्तक पाई गई। जिनका वितरण प्रधानाध्यापक एवं समस्त स्टाफ द्वारा बच्चों को नहीं किया गया था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस घोर अनुशासनहीनता मानते हुए

बालकों के निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009,

प्रोटेक्शन ऑफ राइट ऑफ चिल्ड्रन एक्ट, एवं उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 का उल्लंघन मानते हुए प्रथम दृष्टया सहायक अध्यापक संतोष कुमार मिश्र, सहायक अध्यापक संजय कुमार एवं सहायक अध्यापक गिरीश प्रसाद को निलंबित कर दिया।

प्रधानाध्यापक को दोषी मानते हुए कि बिना प्रधानाध्यापक के मिली भगत के कोई अध्यापक विद्यालय को शयन कक्ष नहीं बना सकता एवं विद्यालय से अनुपस्थित नहीं हो सकता है। फल स्वरुप प्रधानाध्यापक को दोषी मानते हुए प्रधानाध्यापक के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 यथा संशोधित के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की गई। उपरोक्त अनुशासनिक कार्यवाही की जांच खंड शिक्षा अधिकारी स्कंद गुप्त ,

खंड शिक्षा अधिकारी पिंडरा, खंड शिक्षा अधिकारी सेवापुरी एवं खंड शिक्षा अधिकारी चिरईगांव द्वारा की जाएगी।

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