वाराणसी । श्रीरामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने मानस के बालकांड में मां पार्वती और भगवान शंकर के विवाह का सुंदर वर्णन करते हुए कहा है कि- यह उमा शंभू विवाह जे नर नारी कहही जे गावही। कल्याण काज विवाह मंगल सर्वदा सुख पवही ।। मां भवानी व बाबा भोलेनाथ के विवाह चरित्र की कथा का जो भी नर नारी वर्णन करता है, कहता है और गाता है। भगवान शंकर उसका हमेशा कल्याण करते हैं और उसे उसी क्षण सुख प्रदान करते हैं। साथ ही उसके जीवन में सर्वदा मंगल ही मंगल होता है।

-रामयश मिश्र

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