
प्रयागराज/कुम्भ क्षेत्र।मान्यता है की गंगा में स्नान कर लेने से सभी पाप दूर हो जाते हैं और अगर गंगा जमुना सरस्वती त्रिवेणी का संगम हो तो तीनों लोक सुधर जाते हैं 144 साल बाद कुछ ऐसा ग्रह नक्षत्र बना है जो प्रयागराज के महाकुंभ को अलौकिक बना रहा है आस्था का ज्वार फूट पड़ा है चमचमाती गाड़ी हो या सर पर गठरी लादे समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति हर एक की ख्वाहिश बस इतनी कि हम संगम में डुबकी लगा आयें ख्वाहिश को मूर्त रूप देने के लिए राजा हो या रंक हर किसी के पग तीर्थराज प्रयाग की ओर बढ़ चले राजनेता समाजसेवी उद्यमी बॉलीवुड के सितारे हो या फिर विदेश में रहने वाले लोग आर्थिक प्रतिस्पर्धा के इस अंधी दौड़ में भी कुछ समय निकाल इस अवसर का लाभ लेने प्रयाग के पावन तट पर पहुंच गए इन्हीं में से एक वाराणसी की मिसेज एशिया विजयता सचदेवा भी सपरिवार संगम में डुबकी लगाकर पुण्य की भाग बनी। विजयता सचदेवा ने बताया कि जब से महाकुंभ शुरू हुआ तभी से उनकी हार्दिक इच्छा थी कि वह भी संगम के तट पर पहुंचे पर कहते हैं ना कि जब तक ईश्वर नहीं चाहता आपके चाहने से कुछ नहीं हो सकता है कुछ न कुछ बधाये आई और प्रयागराज जाने का कार्यक्रम नहीं बन सका अंतिम चरण में महादेव का आदेश हुआ कि यहां क्या बैठी हो जो परिवार सहित महाकुंभ का पुण्य अर्जित कर लो इस आदेश को कैसे टाल पाते रातों-रात तय हुआ और सुबह परिवार सहित बिना कुछ सोचे समझे दिल में महादेव को बसाए परिवार सहित तीन बाइक से प्रयागराज के लिए निकल पड़ी वहां पहुंचकर डुबकी लगाई और परिवार के कल्याण के साथ-साथ देश के सुख समृद्धि शांत खुशहाली की प्रार्थना की विजयता सचदेवा ने बताया कि डुबकी लगाते समय जो अनुभूति हुई उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता विजयता सचदेवा ने देशवासियों विशेष कर वाराणसी के लोगों से अपील की कि जो लोग अभी नहीं पहुंचे हैं वह समय निकालकर जरूर जांय और पुण्य के भागी बने।
