रिपोर्ट अनमोल कुमार

गुमला। दो दिवसीय जिलास्तरीय बागवानी उद्यानिकी और मशरूम उत्पादन और विकास जागरूकता कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए आई टी डी ए के निदेशका, रीना हांसदा ,भाप्रसे ने कहा कि मूल्यसंबर्धक उत्पादकों बढावा देकर किसान बागवानी उद्यानिकी और मशरूम के माध्यम से खुशहाल बन सकते हैं। उन्होंने फल सब्जी और मशरूम तकनीक के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि मूल्यसंबर्धक उत्पादकों जैसे आम से अमावट , अचार मशरूम से बड़ी, पापड़, अचार, लड्डू आदि का निर्माण कर अधिकाधिक कमाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार मूल्यसंबर्धक उत्पादकों के प्रसंस्करण के लिए किसानों को अनुदान भी उपलब्ध कराती है। कार्यशाला का आयोजन नगर भवन, गुमला में किया गया। जिला उद्यान पदाधिकारी, डॉ तमन्ना परबीन ने स्वागत भाषण दिया। इसके साथ उन्होंने उद्यान विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों और उपलब्धियों को विस्तार से बताया। एपीपी एग्रीगेट खूंटी के निदेशक प्रभाकर कुमार ने उपस्थित अतिथियों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ, बैच, मशरूम उत्पाद की डलिया और मशरूम उत्पाद पुस्तिका समर्पित कर सम्मानित किया। उन्होंने मशरूम उत्पाद की गुणवत्ता और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद की अध्यक्ष,किरण बाड़ा ने कहा कि किसान समाज का रीढ है अगर यह नहीं है तो लोगों को भूख मरना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बागवानी उद्यानिकी और मशरूम उत्पाद के नयी तकनीक से किसान तरक्की कर सकते हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद की उपाध्यक्ष, संयुक्ता देवी, ने भी उन्नत बागवानी पर विस्तार से चर्चा की। जिला कृषि पदाधिकारी,विजय कुजूर ने बागवानी उद्यानिकी और मशरूम उत्पादन की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।उनहोंने मशरूम,ड़ेगन फ्रूट, कीबी आदि के बारे में विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा जिला उद्यान कार्यालय के वरीय लिपिक, विजय प्रसाद, एम आई डी एच के लिपिक, दीपक कुमार सिंह, जिला कृषि कार्यालय से नरेश टुडु, एपीपी एग्रीगेट खूंटी के राज्य प्रभारी, अनमोल कुमार ने बागवानी और मशरूम उत्पादन के बारे में विस्तार से चर्चा की एपीपी एग्रीगेट खूंटी की कुशल एवं दक्ष प्र शिक्षिका, गजाला परबीनने किसानों को फल, सब्जी,फूल,मशरूम,अजोल के बारे में विस्तार से जानकारी दिया।

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