वाराणसी।‌ प्रेमचंद की कथा साहित्य का मूल उद्देश्य था नारी मुक्ति है। यही कारण है कि प्रायः प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं में समाजिक कुप्रथाओं पर चोट की और नारी मुक्ति की आवाज उठायी। यह बातें साहित्यकार डॉ राम सुधार सिंह ने रविवार को प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र द्वारा प्रेमचंद स्मारक स्थल (लमही) पर सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ 1483 दिवस पूर्ण होने पर कहीं। प्रेमचंद की कहानी दो सखियां का पाठ डा. शुभा श्रीवास्तव ने किया। डा. श्रीवास्तव प्रेमचंद , अमृत राय, और शिवरानी देवी पर निरंतर कार्य रही है। सम्मान प्रो. श्रद्धानंद, डा. राम सुधार सिंह, राजीव गोंड ने किया। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जन्मभूमि की नारी शक्ति पूर्व प्रधान मीरा देवी, आंगनबाड़ी सुरसत्ती देवी, प्रमिला देवी, प्रियवंदा देवी, रिना पाण्डेय, कलावती देवी, शारदा देवी, आशा,सुमित्रा देवी, अंजलि को नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया। संचालन आयुषी दूबे,स्वागत मनोज विश्वकर्मा ने किया।

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