
अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र में कार्यशाला का चौथा दिन
वाराणसी। अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र (आईयूसीटीई), वाराणसी में “द एडटेक कनेक्ट: एम्पावरिंग द ग्लोबल साउथ” विषय पर आयोजित सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन के प्रथम सत्र की शुरुआत डॉ. राजा पाठक, सहायक आचार्य, आईयूसीटीई ने की।
उन्होंने “कोलैबोरेटिव टेक्नोलॉजीज़ फॉर अकैडमिक नेटवर्किंग” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि ये तकनीकें शैक्षणिक नेटवर्किंग को नई दिशा दे रही हैं और शोधकर्ताओं तथा विद्यार्थियों के बीच ज्ञान साझा करने की प्रक्रिया को सरल बना रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल सहयोग के आधुनिक साधनों से अनुसंधान और नवाचार को नई गति मिल सकती है। साथ ही, द्वितीय सत्र में उन्होंने “एक्सप्लोरिंग डिजिटल टूल्स फॉर टीचिंग एंड लर्निंग” विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डिजिटल उपकरण शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और संवादात्मक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन तकनीकी साधनों के प्रयोग से शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
तृतीय सत्र में प्रो. तनु टंडन, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ ने “यूनिवर्सल डिज़ाइन फॉर लर्निंग (यूडीएल) प्रिंसिपल्स” तथा “सोशल एंड इमोशनल लर्निंग इन डिजिटल एज” विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि इन सिद्धांतों के माध्यम से शिक्षा को अधिक समावेशी और शिक्षार्थी-केंद्रित बनाया जा सकता है। उन्होंने “एक्सेसिबिलिटी स्टैंडर्ड्स और सपोर्टिव टेक्नोलॉजीज़” के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि इनका उपयोग सभी विद्यार्थियों तक शिक्षा को सुलभ बनाने में सहायक है। इसके साथ ही चतुर्थ सत्र में उन्होंने “कॉन्टेंट अडैप्टेशन फॉर डाइवर्स लर्नर नीड्स” विषय पर विशेष चर्चा की।
उन्होंने बताया कि विविध शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं के अनुसार सामग्री का अनुकूलन शिक्षा को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाता है।
इस कार्यक्रम में श्रीलंका, कम्बोडिया, घाना, किर्गिस्तान, मॉरीशस, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, और इथियोपिया, ट्यूनीशिया 11 देशों के 25 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम के निदेशक प्रो. आशीष श्रीवास्तव, संकाय प्रमुख (शैक्षणिक एवं शोध), आईयूसीटीई हैं, जबकि इसका समन्वयन डॉ. राजा पाठक, सहायक आचार्य, आईयूसीटीई द्वारा किया जा रहा है। सह-समन्वयक के रूप में डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी, सहायक आचार्य, आईयूसीटीई अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। केंद्र के अन्य समस्त संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों ने भी इस अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफल आयोजन प्रक्रिया में सक्रिय योगदान कर रहे हैं।
