जल स्रोत संरक्षण में महिलाओ की भूमिकाः विषयक व्याख्यान
वाराणसी। बीएचयू में शनिवार को इतिहास विभाग सामाजिक विज्ञान संकाय में जल स्रोत संरक्षण में महिलाओ की भूमिकाः विषयक व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता पूर्व फेलो भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान शिमला प्रो. जय राम सिंह ने कहा कि विश्व की अधिकतर सभ्यताएं जल स्रोतों के किनारे ही विकसित हुई है। लेकिन धीरे-धीरे जल स्रोतों की संख्या घटती जा रही है। विशिष्ट वक्ता प्रो. ताबिर कलाम ने मध्यकालीन में महिलाओ का जल स्रोत संरक्षण में योगदान पर प्रकाश डाला और मुगल शासकों द्वारा निर्मित जल स्रोत एवं नहरों के निर्माण पर विस्तृत रूप से चर्चा की। डाॅ. अशोक सिंह ने महिलाओं के जल स्रोत संरक्षण में योगदान का उदाहरण सहित कई क्षेत्रों की चर्चा की। स्वागत प्रो. घनश्याम, अध्यक्षता प्रो. मालविका रंजन इतिहास विभाग ने किया। कार्यक्रम संयोजक प्रोअशोक कुमार सोनकर थे। विषय स्थापना प्रो. प्रवेश भारद्वाज इतिहास विभाग ने किया। अध्यक्षता करते हुए प्रो. मालविका रंजन ने जल स्रोत संरक्षण में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डा.शरद श्रीवास्तव, प्रो. केशव मिश्रा, डाॅ. सीमा मिश्रा, प्रो. अनुराधा सिह, डाॅ. आदेश कुमार, डाॅ. नीरज त्रिवेदी, डाॅ. अवध नारायण त्रिपाठी, डाॅ. भूपेन्द्र श्रीवास्तव, सुनील यादव, डाॅ. दीपक कन्नौजिया, डाॅ. अराधना गोस्वामी, डाॅ. नीलम मिश्रा आदि थे।
