
आठ दिवसीय कार्यशाला का समापन

वाराणसी।एम्पावरिंग एजुकेटर्स इन द ग्लोबल साउथ’ विषय पर आठ दिवसीय कार्यक्रम का समापन सत्र अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आई.यू.सी.टी.ई.) परिसर में आयोजित हुआ।
यह कार्यक्रम यूनेस्को एमजीआईईपी, नई दिल्ली और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित हुआ।
समापन सत्र का शुभारम्भ मंगलाचरण व मां सरस्वती तथा महामना पं. मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
मुख्य अतिथि श्री अमर सिंह, अंडर सेक्रेक्टरी, विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली थे। विशिष्ट अतिथि प्रो. ए. के. त्यागी रहे, तथा उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. प्रेम नारायण सिंह, निदेशक, आईयूसीटीई, बीएचयू ने की। इस अवसर पर यूनेस्को एमजीआईईपी, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. ओबिजियोफोर अगिनम (ऑनलाइन) तथा प्रो. आशीष श्रीवास्तव, डीन (शैक्षणिक एवं अनुसंधान) भी मंच पर उपस्थित रहे। सत्र के वक्ताओं अन्या चक्रवर्ती, भाव्या, श्रेया तिवारी, और रेणुका रौतेला का सम्मान किया गया।
प्रो. आशीष श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव को साझा किया। इसके बाद मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। प्रो. त्यागी ने कहा कि पूरी दुनियां एक ही तरह के चैलेंज को अनुभव कर रही है जो कि सस्टेनेबिलिटी है। यह हम सब शिक्षको की जिम्मेदारी है कि हम ऐसे बच्चों को तैयार करे जो सस्टेनेबिलिटी की समस्या को समझे तथा इसका समाधान निकाले।
श्री अमर सिंह ने कहा कि विदेश मंत्रालय ऐसे कार्यक्रम 1964 से कर रहा है। उन्होंने सभी शिक्षकों को कहा कि शिक्षकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षक ही बच्चो के प्रारंभिक ज्ञान को गढ़ते है।
प्रो. प्रेम नारायण सिंह ने सभी का स्वागत किया उन्होंने कहा कि जब आप यहाँ से अपने देश वापस जायेगे, आप एक बहुत अच्छे अनुभव और कई नये मित्रों के साथ यहाँ से जायेगे।
इस कार्यक्रम में बांग्लादेश, भूटान, कैमरून, इथियोपिया, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, मोज़ाम्बिक, नेपाल, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, सेशेल्स, तंजानिया, थाईलैंड, ट्यूनिशिया, उज्बेकिस्तान और युगांडा सहित 19 देशों के 60 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया ।
यह कार्यक्रम निदेशकद्वय प्रो. आशीष श्रीवास्तव, आईयूसीटीई व श्रीमती अर्चना चौधरी, राष्ट्रीय परियोजना अधिकारी, यूनेस्को एमजीआईईपी, नई दिल्ली के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।
डॉ. कुशाग्री सिंह ने कार्यक्रम का संचालन व डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी ने मंगलाचरण किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजा पाठक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में डॉ. विनोद सिंह, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ. अनिल कुमार, तथा अन्य महत्वपूर्ण गणमान्य व्यक्तियों और संकाय सदस्यों सहित केंद्र के सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहें।
