
दक्षिण भारत के विभिन्न प्रांतो से आए विद्वानों ने किया वाल्मीकि रामायण के बालकांड का पारायण
रिपोर्ट:- अनुपम भट्टाचार्य
वाराणसी । गणपति पूजन पुष्पर्जन, पुण्य वचन ,पंचगव्य प्रसन्न, दीक्षा धरण, अग्नि प्रतिस्थापन, गो पूजान व यज्ञ हवन आदि सत्य सूत्री अनुष्ठानों के सुविधा संपादन के साथ रविवार को मानसरोवर तीर्थ क्षेत्र में श्री राम साम्राज्य पट्टाभिषेकम महोत्सव का श्री गणेश हुआ।
श्री राम तारक आंध्र आश्रम की अगनाई में सजा महोत्सव मंडप अल भोर से गोधूलि तक श्री वाल्मीकि रामायण के श्लोकों से गूंजता रहा। पूजन अर्चन होम तथा याग्निक विधियो से समानांतर वचन दीर्घा में दक्षिण भारत के विभिन्न स्थानों से आए रामायण मर्मज्ञो ने वाल्मीकि रामायण के बाल कांड के दो हजार श्लोकों का पारायण किया।
इस महायज्ञ के आचार्य उलिमिरी सोमायाजुलु ने बताया महोत्सव के प्रथम दिन की समस्त पूजाएं श्री राम प्रभु के बाल स्वरूप को समर्पित की गई।
आचार्य उलिमिरी सोमायाजुलु ने बताया कि महोत्सव को आध्यात्मिक शीर्ष देने के निमित समस्त अनुष्ठानों के साथ ही यज्ञ पंडप में एक लक्ष्य गायत्री मंत्र व 24 हजार श्री राम गायत्री मंत्र के जाप कार्यक्रम भी जारी है जाप की श्रृंखला यज्ञ की पुनहुति तक आहरणी चलती रहेगी इसके पूर्व यज्ञ के मुख्य यजमान तथा श्री राम तारक आंध्रा आश्रम के मैनेजिंग ट्रस्टी वेमुरी वेंकट सुंदर शास्त्री ने यज्ञ की आचार्यों का चरण वंदन – अभिनंदन किया।
आश्रम के प्रबंधक वी वी सीताराम संयोजन किया।
मुख्य रूप से पप्पू मूर्ति, अन्नदनम चिदम्बर शास्त्री, बुध शर्मा, सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
