
रिपोर्ट :- अनुपम भट्टाचार्य
वाराणसी। मानसरोवर तीर्थ क्षेत्र की गलियां इन दिनों यज्ञ धूम की सुगंध से सुव्यवस्थित है। क्षेत्र का कोना-कोना बाल्मीकि रामायण के पवित्र श्लोकों से गुंजायमान है। पावन वातावरण सृजित हुआ श्री राम तारक आंध्र आश्रम में । आश्रम के प्रांगण में चल रहे श्री राम साम्राज्य पट्टाभिषेक महोत्सव के अनुष्ठानों से है।द्वादश दिवसीय आयोजन का समापन श्री राम प्रभु के राज्याभिषेक उत्सव के साथ होगा।
आयोजन के तीसरे दिन यज्ञ के आचार्यों ने अधोध्या कांड के सभी पात्र देवताओं का आह्वान कर उन्हें हव्य अर्पित किया। इन सभी को साक्षी मानकर आज की समस्त पूजाएं श्री राम प्रभु के धर्म स्वरूप को अर्पित की गई। यज्ञ के आचार्य उलीमीरी शोमा याजुलू ने बताया कि नारायण के सभी अवतारों में श्री राम अवतार पूरी तरह धर्म स्वरूप है। उन्होंने कहा कि बाल्मीकि रामायण के अयोध्या कांड में प्रभु का यह स्वरूप निखर कर सामने आया है। प्रभु ने विभिन्न प्रसंगों में लक्ष्मण, सीता, भरत सहित कई पात्रों को धर्म का अर्थ समझाया है। यज्ञ के साथ ही उत्सव की जप दीर्घा में देश के जानेमाने रामायण मर्मज्ञों के पाठ पारायण का क्रम निरंतर जारी है। आचार्यों के निर्देशन में यज्ञ के मुख्य यजमान तथा आश्रम के प्रबंध न्यासी वीवी सुंदर शास्त्री ने सभी कर्मकांड पूरे किए। व्यवस्थापन आश्रम के प्रबंधक वीवी सीताराम ने किया।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कोंडल राव, एस वी के चैनुलू,एम अंजनेय मूर्ति, आर जगदीश, श्रीमती वेमुरी उमा, वेमुरी धरनिजा, यामिजल राम प्रसाद राय, शिव शर्मा,श्याम राव शास्त्री आदि लोग उपस्थित रहे।
