वाराणसी।श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस, कलबुर्गी, कर्नाटक व अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में ‘उच्च शिक्षा में मूल्यों का समावेश’ विषय पर छह दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस, कलबुर्गी, कर्नाटक में किया जा रहा है। संकाय विकास कार्यक्रम का आज पांचवें दिन का मुख्य विषय “राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और मूल्य शिक्षा” रहा। इस सत्र में आधुनिक शिक्षा में नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को समाहित करने के महत्व पर विशेष ध्यान दिया गया।

सत्र की शुरुआत रिपोर्ट पाठन के साथ हुई, जिसने आगे होने वाली चर्चाओं की दिशा तय की। काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के शिक्षाशास्त्र संकाय के प्रो. सुनील कुमार सिंह ने पहले सत्र का नेतृत्व किया। उन्होंने विस्तार से बताया कि NEP 2020 शिक्षा के मूल ढांचे में मूल्यों को किस प्रकार एकीकृत करता है। उनके विचारों ने इस नीति को प्रभावी रूप से लागू करने के तरीकों पर प्रकाश डाला, जिससे शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति तक सीमित न रहकर, नैतिकता और संस्कृति से भी जुड़ सके।

दूसरे सत्र में, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के प्रख्यात मूल्य शिक्षाविद श्री अवनीश भटनागर ने व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने मूल्य-आधारित शिक्षा के व्यवहारिक क्रियान्वयन और इसके विद्यार्थियों व शिक्षकों पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव पर जोर दिया।

इसके बाद, प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे चर्चा और अधिक समृद्ध हुई। विचार-विमर्श के इस सत्र में कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई, जिससे प्रतिभागियों को मूल्य शिक्षा की अवधारणा को गहराई से समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें विशेषज्ञ वक्ताओं और भाग लेने वाले शिक्षाविदों के योगदान को सराहा गया। पूरा आयोजन श्री नागार्जुन द्वारा कुशलता से समन्वित किया गया, जिन्होंने मास्टर ऑफ सेरेमनी के रूप में सत्र का संचालन किया। इस कार्यक्रम का संयोजन प्रो. मीनाक्षी बिश्वाल और प्रो. अजय कुमार सिंह द्वारा किया जा रहा है।

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