वाराणसी। वरुणापुल स्थित शास्त्री घाट पर लोक चेतना की ओर से शुरू किए गए सांध्यकालीन वरुणा आरती की ओर लोग आकर्षण बढ़ता जा रहा है। शाम साढ़े छह बजे के बाद लोग जुटने लगते हैं। आरती में काफी संख्या में लोग नियमित रूप से शामिल होने वालों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। शाम सात बजे दो बटुक पहले नदी के जल की आरती पूजन करने के बाद मंच पर मनमोहक आरती की प्रस्तुति से लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। संस्था के अध्यक्ष केके उपाध्याय ने बताया कि यहां वर्ष 2016-2019 तक पांच आरती बटुकों द्वारा होती थी। जिसमें बड़े पैमाने पर लोग आते थे। वरुणा की भक्ति भाव से सराबोर हो कर जाते थे। प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम में उभरते कलाकारों को जहा मंच मिलता था वहीं वरुणा पार के लोगों को एक धार्मिक सांस्कृतिक माहौल बनना उनके लिए अच्छी पहल थी। लेकिन कोविड महामारी ने इस मंच और घाट की रौनक छीन ली। कहा कि इसकी फिर से आरती का शुभारंभ कर भगीरथ प्रयास से फिर से इस मंच और घाट की रौनक वापस लौट आए। आरती से पूर्व जल की पूजा समाजसेवी सिविल डिफेंस के डिप्टी डिवीजनल वार्डेन अरविन्द विश्वकर्मा ने पत्नी संग किया। उसके पश्चात मां वरूणा की आरती हुई ।‌इस अवसर पर कैलाश सिंह, हर्ष मिश्रा, सौरभ शुक्ला, गौरव दुबे, निशांत बरनवाल आदि थे।

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