
वाराणसी। उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जन्मस्थली लमही स्थित स्मारक परिसर में प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र द्वारा सुनो मैं प्रेमचंद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कथाकार संध्या श्रीवास्तव ने प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘तगादा’ का प्रभावशाली पाठ किया। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. राजेन्द्र डोभाल (स्वामी राम हिमालय विश्वविद्यालय, देहरादून) ने कहा कि ‘तगादा’ में व्यंग्य, यथार्थ और मनोविश्लेषण का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। प्रेमचंद साधारण घटना के माध्यम से समाज की वर्गीय संरचना, नैतिक पाखंड और मानवीय अंतर्द्वंद्व को उजागर करते हैं। डा. आनंद वर्धन ने कहा कि यह कहानी महाजनी प्रथा की आलोचना के साथ मनुष्य के आंतरिक संघर्ष को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में प्रो. श्रद्धानंद, प्रो. प्रशांत सिंह, डॉ. उषा शर्मा, निदेशक राजीव गोंड आदि थे। संचालन आयुषी दूबे और स्वागत रोहित गुप्ता ने किया।
