पेट में कीड़े बच्चों के कुपोषण के प्रमुख कारण-सीएमओ

 

कृमि मुक्ति से बच्चों के सीखने की क्षमता में होता है सुधार

 

वाराणसी। जनपद में 11 अगस्त को एक से 19 वर्ष के 18 लाख से अधिक बालक-बालिकाओं को पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त स्कूलों, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों के शिक्षकों से दवा खिलाने में सहयोग लिया जा रहा है। तथा इनके द्वारा बच्चों को दवा खिलाई जाएगी। इस दौरान उन बच्चों को भी दवा खिलायी जायेगी जो स्कूल नहीं जाते हैं। 18 लाख 60 हजार बच्चों को पेट के कीड़े निकालने की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 1 से 5 साल तक के सभी आंगनबाड़ी में पंजीकृत बच्चों के साथ ही 6 से 19 साल तक के स्कूल जाने वाले सभी बालक- बालिकाओं को उनके विद्यालय में दवा खिलायी जाएगी। इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने दी।

सीएमओ ने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं। उनमें खून की कमी हो जाती है, जिसके कारण बच्चे कमजोर होने लगते हैं। दवा खिलाने से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है। कृमि मुक्ति से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। बच्चों में एनीमिया पर नियंत्रण रहता है। कृमि मुक्ति से बच्चों के सीखने की क्षमता में सुधार होता है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को इस परेशानी से बचाने के लिए कीड़े निकालने की दवा उन्हें जरूर खिलाएं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ संजय राय ने बताया कि 11 अगस्त को लगभग 7 लाख 50 हजार बच्चे शहरी क्षेत्र के तथा लगभग 11 लाख 10 हजार बच्चे ग्रामीण क्षेत्र में हैं, जिन्हें एल्बेन्डाजोल की दवा खिलायी जायेगी। इस कार्य में कुल 3914 आंगनबाड़ी केंद्र तथा 2853 सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों में शिक्षकों से दवा खिलाने में सहयोग लिया जायेगा। इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र में आरबीएसके टीम के चिकित्सक व शहरी क्षेत्र में समस्त अर्बन पीएचसी के चिकित्सक के साथ ही पूरे जिले की समस्त एएनएम तथा आशा कार्यकर्ती सहयोग करेंगी। अभियान में उन बच्चों को भी दवा खिलाई जाएगी जो स्कूल नहीं जाते हैं। इसके साथ ही ईंट-भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों को भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई जाएगी।एक से दो साल के बच्चों को आधी गोली तथा दो वर्ष से ऊपर के बच्चों को एक गोली दवा खिलायी। इस दिवस पर छूट गये बच्चों के लिए 14 अगस्त को मॉप अप राउंड आयोजित किया गया है। जिसमें छूटे हुए बच्चों को भी दवा देने के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

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