वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देशानुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सकीय टीम की तैनाती कर वहां रह रहे लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही हैं। इसके अलावा बाढ़ का पानी उतरने पर प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क होकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र एवं उसके आसपास के क्षेत्र में संक्रामक रोगों के बचाव हेतु निरोधात्मक कार्यवाही भी किया जा रहा है।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि बाढ़ राहत शिविरों के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह सतर्क रहे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को उनकी आवश्यकतानुसार प्राथमिकता पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।

बताया गया कि बाढ़ पीड़ितों के शिविरों में मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ लगाए गए हैं, जो वहां पर रह रहे लोगों की लगातार की देखभाल में जुटे है। बाढ़ के पानी से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए अब तक स्वास्थ्य शिविरों में 600 से अधिक मरीजों का इलाज, 2950 ओआरएस के पैकेट एवं 36 हजार से अधिक क्लोरीन की गोली का वितरण किया गया है। बाढ़ क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं के देखरेख हेतु डॉ पीयूष राय को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि जल जनित बीमारियों के बचाव हेतु बढ़ राहत शिविरों एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरोधात्मक कार्यवाही की जा रही है। क्लोरीन टैबलेट का वितरण किया जा रहा है जो पीने के पानी को शुद्ध करने में मदद करती हैं जिससे जलजनित बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।

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