वाराणसी।जीवन में खेल का महत्वपूर्ण स्थान है।विद्यार्थी जीवन का बहुमुखी विकास तभी संभव है वह खेलों को रोजमर्रा के जीवन में शामिल करें । हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यानचंद ने लगातार सन 1928 ,1932 और 1936 में हॉकी के ओलंपिक खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता जो एक विश्व रिकॉर्ड है। उनके जन्मदिन को हम राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाते हैं , खेल खेलने से आपसी स्वभाव बढ़ता है , टीम भावना विकसित होती है और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी विकसित होती है। विद्यार्थियों को जीवन में कोई न कोई खेल अवश्य खेलना चाहिए। राष्ट्रीय खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद जी को याद करते हुए मैं विद्यालय के विद्यार्थियों का आह्वान करता हूं कि आप खेलों से अवश्य जुड़े। उक्त बातें महाबोधि इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा। विद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं जैसे बैडमिंटन, कैरम-बोर्ड , फुटबॉल , शतरंजआदि खेलों का आयोजन किया गया। छात्र सैनिकों और विद्यार्थियों ने इस अवसर पर जीवन में खेल का महत्व विषय पर निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया ।राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति से खेलों के प्रति अपनी भावना भी व्यक्त किया ।खेलों का आयोजन गंगाराम सिंह यादव उप प्रधानाचार्य ने किया ।इस अवसर पर शंभू नाथ मौर्या, अनिल सोनकर ,अशोक सोनकर ,रत्नेश कुमार सिंह अंकुर, धर्मेंद्र, आशा यादव राजेश कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित थे

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