
वाराणसी। दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा देवी के सात दिवसीय श्रृंगार के उत्सव के अन्तिम दिन महंत कौशल पति द्विवेदी के संयोजन में मां का स्वर्ण आभूषणों विविध रत्नों, स्फटिक मालाओं, बेला,गुलाब, चंपा, चमेली अड़़हुर के फूलों से श्रृंगार किया गया।
पुजारी पंडित किशन दुबे विधि विधान से मां का शृंगार पूजन कर हलुआ का भोग लगा कर भव्य आरती की।
मां का दर्शन पूजन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़़ लगी हुई थी। मां के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गूंज रहा था।
