
भारतीय संस्कृति की धरोहर को संरक्षित करने का कार्य सराहनीय:- मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ जी
वाराणसी। शुक्रवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के परिसर में स्थित राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अंतर्गत चल दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण कार्यों के निरीक्षण एवं अवलोकन हेतु उत्तर प्रदेश के यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ का आगमन तीसरी बार हुआ।
मुख्यमंत्री का स्वागत और अभिनन्दन वैदिक विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार, स्वस्तिवाचन के साथ हुआ।कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा, कुलसचिव राकेश कुमार एवं वित्त अधिकारी ने विश्वविद्यालय के समस्त आचार्यों के साथ पारम्परिक रूप से स्वागत और अभिनन्दन किया।मुख्यमंत्री जी ने विस्तार भवन में भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के द्वारा पांडुलिपियों के संरक्षण के कार्यो का भी सूक्ष्मता से प्रगति का जायजा लिया।संरक्षण के कार्यों को और तीव्रता से बढ़ाने का निर्देश भी दिया। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा समुचित सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री जी का तीसरी बार आगमन परिसर में हुआ, यह विश्वविद्यालय एवं देववाणी संस्कृत के लिये गौरव और हर्ष की बात है।उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी को ऐतिहासिक सरस्वती भवन पुस्तकालय के भवन के अनुरक्षण के कार्यों को उसके प्रगति को देखा साथ अन्य निर्माण कार्यों की वस्तुस्थिति की भी जानकारी लिया।
उन्होंने दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण में जो भी सहयोग होगा उसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार सदैव सहयोग देने के तत्पर है।
विश्वविद्यालय से कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र, प्रो जितेन्द्र कुमार, प्रो महेन्द्र पांडेय, विनयाधिकारी प्रो दिनेश कुमार गर्ग,प्रो. राजनाथ, अभियंता रामविजय सिंह, जनसंपर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र सहित विश्वविद्यालय परिवार उपस्थित रहे।
