
वाराणसी। काशी मानव विकास समिति द्वारा आयोजित ‘बाल संसद’ का तीसरा संस्करण रविवार को मैदागिन स्थित प्रजापति धर्मशाला में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह आयोजन बच्चों को लोकतंत्र की समझ और नेतृत्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से एक और महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
इस सत्र में, बाल संसद के पुराने और नए सदस्यों ने मिलकर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। बच्चों ने अपनी बात बेबाकी से रखी और समस्याओं के रचनात्मक समाधान सुझाए। इस दौरान आयोजित सामान्य ज्ञान क्विज प्रतियोगिता ने बच्चों के उत्साह को और भी बढ़ा दिया। प्रतियोगिता में मिहिर, अर्चित, आरोही, कौशल, जयश, नवीन, और आयुष को विजेता घोषित किया गया। विजेता बच्चों को पुरस्कार स्वरूप पेंसिल बॉक्स और पानी की बोतल भेंट की गई।
पिछले दो सत्रों की सफलता के बाद, इस बार भी बड़ी संख्या में बच्चों ने इस मंच का हिस्सा बनने के लिए पंजीकरण कराया। 37 बच्चों ने बाल संसद में अपनी रुचि दिखाई। इस सत्र में, मार्शल पद के लिए उमंग, तनिष्का, श्रेयांशु, पायल, तृप्ति, उत्कर्ष, अर्णब, आयुष, और काव्यांजलि को चुना गया। उन्हें उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी भान कराया गया, जो बच्चों के बीच जिम्मेदारी की भावना को बढ़ाएगा।
समिति के अध्यक्ष संजय कुमार प्रजापति ने इस पहल पर खुशी व्यक्त करते हुए सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह देखकर बेहद खुशी होती है कि बच्चे अब खुद से इस मंच का हिस्सा बनने के लिए आगे आ रहे हैं। बाल संसद ने न केवल बच्चों में आत्मविश्वास जगाया है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया है।” उन्होंने ‘बाल संसद’ के सभी बच्चों के उत्साह और लगन की सराहना की, जिनके बिना यह कार्यक्रम संभव नहीं था। साथ ही, उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करने और उन पर विश्वास दिखाने के लिए सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले शोभनाथ प्रजापति, रामबचन प्रजापति, अभिषेक प्रजापति, मनोज चक्रवाल, कुसुम प्रजापति, मनोज प्रजापति, जवाहिर यादव, लल्लू प्रजापति और चंद्रप्रकाश सहित सभी गणमान्य व्यक्तियों और मीडिया प्रतिनिधियों का भी विशेष धन्यवाद किया। यह बैठक बच्चों को लोकतंत्र की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने भविष्य को खुद गढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित हुई।
