
वाराणसी।मानसरोवर स्थित श्री राम तारक आंध्रा आश्रम में चल रहे श्री गणेश नवरात्र महोत्सव के अवसर पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन
बच्चों की रचनात्मकता प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया।
श्री रामतारका आंध्रा आश्रम पर चल रहे 9 दिवसीय गणेश नवरात्रि के अवसर पर एक दिवसीय निबंध चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया|। इसमें अनेक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री कन्हैया लाल यादव डिवीजनल वार्डन कोतवाली नागरिक सुरक्षा द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया|
प्रतियोगिता के लिए तीन महत्वपूर्ण विषय निर्धारित किए गए थे—पर्यावरण संरक्षण, भगवान श्रीरामचंद्र जी का आदर्श जीवन तथा काशी की संस्कृति का महत्व। ये सभी विषय न केवल वर्तमान समय से जुड़े हैं बल्कि समाज के लिए भी गहरी प्रेरणा का स्रोत हैं।पर्यावरण’ विषय पर विद्यार्थियों ने स्वच्छता, वृक्षारोपण और प्रदूषण मुक्त जीवन की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। ‘रामचंद्र भगवान’ विषय में बच्चों ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों, त्याग और धर्मनिष्ठा से सीख लेने पर बल दिया। वहीं “काशी की संस्कृति का महत्व” विषय पर प्रतिभागियों ने काशी की आध्यात्मिक विरासत, मंदिरों, घाटों और यहाँ की अनूठी परंपराओं को भारतीय संस्कृति की धरोहर बताया। निर्णायक मंडल ने सभी प्रतिभागियों के कार्यों का मूल्यांकन रचनात्मकता, लेख, संदेश की गहराई और प्रस्तुत करते है |कार्यक्रम संचालन आदि ने अपना योगदान दिया|
*कार्यक्रम के अगले चरण में दिनांक 3सितंबर को समान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा|*
कार्यक्रम आयोजक योगाचार्य आशीष टंडन (सचिव, चैतन्य योग सेवा संस्था) की ओर से सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, सहयोगियों को विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया| उन्होंने यह कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ बच्चों में न केवल अभिव्यक्ति की क्षमता को बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति, पर्यावरण और आदर्शों से भी जोड़ती हैं।प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों ने उत्साह और प्रतिभा का परिचय दिया। यह आयोजन बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया, जिसने उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी|
समापन पर वी वी सुन्दर शास्त्री जी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आश्रम के मैनेजर वी वी सीताराम,अभिषेक जायसवाल,अनुपम भट्टाचार्य, भूपेंद्र सिंह गिल, श्याम राव शास्त्री,आदि लोग उपस्थित रहे
