वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज परिसर स्थित प्राचीन छात्र एसोसिएशन में मंगलवार को राजर्षि व्याख्यान माला के तहत “राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव की शिक्षा विषयक अवधारणा” विषयक व्याख्यान का आयोजन किया गया।अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डा राम सुधार सिंह ने की। मुख्य वक्ता प्रो हरिकेश सिंह ने कहा कि राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव शिक्षा को मानव जीवन का वास्तविक प्रकाश मानते थे। उनका मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्ति नहीं, बल्कि व्यक्ति के समग्र विकास और राष्ट्र की सेवा के लिए सजग नागरिक तैयार करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजर्षि ने शिक्षा में चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना को सर्वोपरि रखा। कालेज के प्राचार्य प्रो‌ धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि राजर्षि की शिक्षा संबंधी सोच अपने समय से सौ साल आगे की थी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का संचालन अमरनाथ सिंह और धन्यवाद ज्ञापन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आनंद विजय सिंह ने किया। कार्यक्रम में डॉ विनय कुमार सिंह, डॉ रुद्रपाल सिंह, डॉ शिवराम सिंह, डॉ रमेश सिंह,भानु प्रताप सिंह ,दीनदयाल सिंह समेत एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, शिक्षक और छात्र शामिल रहे।

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