वाराणसी। शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर लंका मार्ग स्थित शिव शक्ति सेवा कॉम्प्लेक्स स्थित एक सभागार में प्राचीन सांस्कृतिक और विलुप्त हो रही कला परंपराओं को सहेजने का कार्य कर रही अग्रणी साहित्यिक व सामाजिक संस्था नादान परिंदे साहित्य के संस्थापक अध्यक्ष डॉ सुबाष चंद्र के नेतृत्व में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक, शिक्षिकाओं को व्हाइट पर्ल माला, अंगवस्त्रम, व उपहार देकर सम्मानित किया गया ।

मौके पर संस्था के संस्थापक, वरिष्ठ समाजसेवी डॉ सुबाष चंद्र ने बताया कि बताया कि शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस खास दिन पर हम अपने गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हैं

साथ ही सावित्रीबाई फुले शिक्षक दिवस का एक अहम हिस्सा हैं क्योंकि उन्हें भारत की पहली महिला शिक्षिका माना जाता है, जिन्होंने महिलाओं और दलितों को शिक्षा प्रदान करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था, उन्हें याद किया गया

मौके पर गोल्डन इंडिया पब्लिक स्कूल के प्रबंधक डॉ विनोद कुमार चतुर्वेदी, प्रधानाचार्या श्रीमती ममता शर्मा, को – ऑर्डिनेटर शिशिर सिंह, सहायक सावित्री सिंह, को सम्मानित किया गया।

उक्त अवसर पर नादान परिंदे साहित्य मंच की कोषाध्यक्ष झरना मुखर्जी, इण्डियन एसोसिएशन ऑफ जनर्लिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा कैलाश सिंह विकास, सहित अनेक वरिष्ठ जन उपस्थित रहे।

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