
वाराणसी। काशी मानव विकास समिति द्वारा आयोजित ‘बाल संसद’ का चौथा संस्करण रविवार को 7 मैदागिन स्थित प्रजापति धर्मशाला में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन बच्चों को लोकतंत्र, नेतृत्व और नागरिक जिम्मेदारी के मूल्यों से परिचित कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
इस सत्र में, बाल संसद के पुराने सदस्यों के साथ-साथ कई नए बच्चों ने भी बड़े उत्साह से हिस्सा लिया। मुख्य रूप से नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह और सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जीवनी पर चर्चा की गई। बच्चों ने इन महान नायकों के जीवन से प्रेरणा ली और देश की आजादी के महत्व पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही, बच्चों ने भारत सरकार द्वारा शिक्षण सामग्री पर जीएसटी शून्य (0%) करने के फैसले पर भी आभार व्यक्त किया।
सत्र के दौरान, 41 नए बच्चों ने बाल संसद से जुड़ने के लिए पंजीकरण कराया, जो इस पहल की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। बच्चों को जिम्मेदारी की भावना से अवगत कराने के लिए, इस बार अंशुमान और आयुष को चुना गया।
संस्था के अध्यक्ष संजय कुमार प्रजापति ने इस अवसर पर कहा, “यह देखकर बेहद संतोष होता है कि हमारी यह पहल लगातार आगे बढ़ रही है। बच्चे अब न सिर्फ इस मंच का हिस्सा बन रहे हैं, बल्कि अपने विचारों से लोकतंत्र की नींव को और मजबूत कर रहे हैं।”
इस आयोजन को सफल बनाने में शोभनाथ प्रजापति, रामबचन प्रजापति, अभिषेक प्रजापति, मनोज चक्रवाल, कुसुम प्रजापति, मनोज प्रजापति, जवाहिर यादव, लल्लू प्रजापति, प्रियांशी प्रजापति और वीरेंद्र सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
यह बैठक बच्चों को एक जिम्मेदार नागरिक बनने और अपने भविष्य को खुद गढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित हुई।
