
वाराणसी । अश्विनी मास के कृष्ण पक्ष के प्रतिपदा तिथि से शुरू हुए पितृ पक्ष के पहले दिन पूर्वजों की स्मृति में तुलसी घाट पर पौधा वितरण किया गया। जागृति फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित पौधा वितरण के तहत पहले दिन जगतगुरु रामानंदाचार्य विश्वविद्यालय जयपुर राजस्थान के पूर्व कुलपति एवं डॉ संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति स्वर्गीय प्रोफेसर युगल किशोर मिश्र की स्मृति में पौधा वितरण किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के धर्म विज्ञान संकाय में प्रोफेसर एवं वैदिक विज्ञान समाकलन केंद्र के पूर्व निदेशक प्रोफेसर उपेंद्र कुमार त्रिपाठी थे।
विशिष्ट अतिथि लोक भूषण सम्मान से सम्मान से सम्मानित साहित्यकार डॉक्टर जयप्रकाश मिश्रा, भारतीय किसान महासंघ के महानगर अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्रा, समाजसेवी अरविंद मिश्रा, रामेश्वर मठ के प्रबंधक वरुणेश चंद दीक्षित एवं स्वामीनारायणा नन्द तीर्थ वेद विद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर जयंती पति त्रिपाठी थे। पहले दिन तुलसी, बेला, गेंदा, पीपल, बरगद, आम के पेड़ का वितरण गंगा स्नान करने आए लोगों में किया गया।
इस अवसर पर डॉक्टर उपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पितृ पक्ष में पूर्वजों की स्मृति में पौधा वितरण करना बहुत ही पुनीत कार्य है। पूर्वजों के नाम पर सभी को एक पौधा जरूर लगाना चाहिए।
लोक भूषण सम्मान से सम्मानित डॉक्टर जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि पितृ पक्ष में कम से कम हम एक पौधा तो अपने पूर्वजों के नाम पर लगाए जिससे धरती हरि भरि हो जाएगी।
भारतीय किसान महासंघ के महानगर अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा कि आज जरूरत है कि हम अधिक से अधिक पेड़ धरती पर लगाए जिससे हमारी धरती हरी भरी रहे और हमें सुख प्रदान करें ।
समाजसेवी अरविंद मिश्रा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आज धरती से धीरे-धीरे जंगल खत्म होते जा रहे हैं अगर पेड़ पौधा नहीं रहेगा तो हमारा सृष्टि भी नहीं बचेगा इसलिए हम अधिक से अधिक पेड़ लगाए। कार्यक्रम के संयोजक एवं जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने कहा कि पूर्वजों की स्मृति में 15 दिवसीय पौधा वितरण एवं पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है इसको करने का मुख्य उद्देश्य ये ही है कि हम काम से कम अपने पूर्वजों की स्मृति में ही एक पौधा लगाए ताकि हमारी धरती हरी भरी रहे और पर्यावरण हमारा बचा रहे।
उन्होंने कहा कि आज भारत में खास कर पहाड़ी क्षेत्र में जो विनाश हो रहा है उसका सबसे प्रमुख कारण यही है कि हम पेड़ों को काटते जा रहे हैं । खुद सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब में जो हो रहा है उसका एक मात्र कारण है कि हम पेड़ों को काटते जा रहे हैं जिसके कारण यह प्राकृतिक विनाश हो रहा है ।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन रामयश मिश्र ने किया । इस अवसर पर योगेश तिवारी, अरविंद त्रिपाठी, हेमंत त्रिपाठी हांडी गुरु, स्वर्ण प्रताप चतुर्वेदी सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
