
वाराणसी। कमच्छा स्थित वसंत कन्या महाविद्यालय में सोमवार को आयोजित कार्यक्रमों में प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति और पुरातत्व विभाग के क्लब एंटीक्विटी द्वारा ‘वार्ता में’ कार्यक्रम के तहत डॉ. प्राची विराट सोनटके का व्याख्यान संपन्न हुआ।
व्याख्यान का विषय पुरातत्त्व, मिथक और वैज्ञानिक पद्धतियां’ रहा।
मुख्य वक्ता ने मिथकों और पुरातत्व के बीच के अंतर्संबंधों को विस्तार के साथ प्रस्तुत किया और इस बात पर बल दिया कि पुरातत्त्व से ज्ञात ऐतिहासिक तथ्यों का मिथकों या पारंपरिक ज्ञान के साथ मिश्रण, वैज्ञानिक चिंतन और गवेषणात्मक पद्धतियों का मुख्य चिंतन बिंदु होना चाहिए।
उन्होंने वैश्विक और भारतीय संदर्भों में मिथकों और आख्यानों के पुरातात्त्विक आधार का विश्लेषणात्मक और तथ्य-पूर्ण विवरण देते हुए ऐसे उदाहरणों को प्रस्तुत किया जिनके माध्यम से इतिहास के अनसुलझे या छुपे रहस्यों को प्रकाशित किया जाना संभव है। कु. महिमा और कु. ताविशी ने मंच संचालन किया। एंटीक्विटी क्लब की समन्वयक कुमारी प्राची और कुमारी आद्रिका अग्रवाल ने मुख्य अतिथि को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग के प्राध्यापकों की उपस्थिति रही। प्राचार्या ने अपने शुभकामना संदेश में क्लब एंटीक्विटी के प्रयासों की सराहना की और अंतर्विषयी मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित करने के इस प्रयास को सार्थक पहल बताया।।
