वाराणसी। उदय प्रताप महाविद्यालय, वाराणसी के राजर्षि सेमिनार हॉल में मनोविज्ञान विभाग द्वारा “विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस” के अवसर पर एक संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आत्महत्या जैसे गंभीर सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक मुद्दे पर जनजागरूकता फैलाना और रोकथाम के उपायों पर चर्चा करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा पूज्य राजर्षि जू देव की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। स्वागत भाषण एवं परिचयात्मक उद्बोधन विभागाध्यक्ष एवं संगोष्ठी के संयोजक प्रो. संजीव कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया।

मुख्य अतिथि वक्ता डॉ. दुर्गेश कुमार उपाध्याय, सहायक प्राध्यापक एवं समन्वयक, संगीत चिकित्सा एवं शोध केंद्र, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी ने संगीत चिकित्सा द्वारा मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन और अवसाद निवारण की उपयोगिता पर अपने विचार रखे।

दूसरे प्रमुख वक्ता डॉ. लक्ष्मण यादव, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, कॉग्निटिव बिहेवियर थैरेपिस्ट एवं ईएमडीआर विशेषज्ञ ने वैज्ञानिक परामर्श तकनीकों एवं व्यवहारिक चिकित्सा की भूमिका पर प्रकाश डाला।

मनोविज्ञान विभाग की छात्राओं – स्वाति सिंह, कोमल श्रीवास्तव, शेफाली, काजल, आस्था गुप्ता, अदिति मिश्रा और रितु – ने अपने व्याख्यानों में आत्महत्या, उसके कारण एवं निवारण पर चर्चा की। इसी क्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिका ने विषय को जीवंत कर दिया, जिसमें अंजलि सिंह, सिद्धांत सिंह, रितेश पटेल, तनु, श्रेया, अदिति, आस्था, स्नेहा, कोमल और शेफाली ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का संयोजन विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. मीनाक्षी सिंह ने किया, जबकि मंच संचालन यशस्वी सिंह एवं दीक्षा श्रीवास्तव ने अपनी सुसंयोजित प्रस्तुति से प्रभावी ढंग से निभाया। अंत में आयोजन सचिव डॉ. अनुराग उपाध्याय ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।

 

इस अवसर पर IQAC समन्वयक प्रो. मनोज प्रकाश त्रिपाठी, यूजीसी इंचार्ज प्रो. डी.के. सिंह, प्रो. अनिल कुमार सिंह, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. रूबी सिंह, डॉ. देवेश चंद, डॉ. चंद्रशेखर, वंश गोपाल, डॉ. विनय कुमार यादव, डॉ. श्वेता, डॉ. चंचला सिंह, शोधार्थी एवं विद्यार्थीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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