
वाराणसी।डोमरी ( पड़ाव ), रामनगर, वाराणसी स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के उपलक्ष में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय– “हिंदी एकता और सांस्कृतिक गौरव की वैश्विक आवाज” रहा।
मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. श्रद्धानंद ( पूर्व अध्यक्ष, हिंदी तथा आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी रहें।
सर्वप्रथम मुख्य अतिथि प्रो. श्रद्धानंद, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम नरेश शर्मा, डॉ.अरुण कुमार दुबे तथा डॉ. प्रतिमा राय द्वारा आचार्य पंडित सीताराम चतुर्वेदी जी तथा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके तथा दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का शुरुआत किया गया।तत्पश्चात महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा कुलगीत प्रस्तुत किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा मुख्य अतिथि को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह तथा पौधा देकर उनका सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि द्वारा महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता तथा मौलिक रचना प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
मुख्य अतिथि एवं वक्ता प्रो. श्रद्धानंद ने सर्वप्रथम हिंदी दिवस की बधाई देते हुए प्रतिभागी छात्राओं को पुरस्कृत करने पर प्रसन्नता व्यक्त किया। उन्होंने हिंदी भाषा के महत्व को समझाया। राजभाषा और राष्ट्रभाषा के विषय में भी उन्होंने जानकारी दी। विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से भाषा की शक्ति एवं संविधान के विषय में बताया। व्यावहारिक हिंदी के विषय के महत्व को बताते हुए उसे पठन-पाठन में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा देश की धड़कन है। हिंदी भाषा दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। उन्होंने हिंदी भाषा पर गर्व करने के लिए कहा।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम नरेश शर्मा ने उपस्थित लोगों से हिंदी भाषा को अधिक से अधिक इस्तेमाल में लाने का आग्रह किया।
संगोष्ठी का संचालन सुश्री नेहा सिंह एवं सुश्री वैशाली पाण्डेय द्वारा किया गया।
अंत में उपस्थित सभी छात्राओं, शिक्षक–शिक्षिकाओं, पत्रकार बंधुओ का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरुण कुमार दुबे द्वारा किया गया।
संगोष्ठी में प्रमुख रूप से डॉ. सूर्य प्रकाश वर्मा, डॉ.प्रतिमा राय, दीपक गुप्ता, डॉ. सुप्रिया दुबे, अंजली विश्वकर्मा, डॉ. बलवंत सिंह, सोफिया खानम, मुकेश गुप्ता, हरेंद्र पाण्डेय, दीपक मिश्रा आदि शिक्षक–शिक्षिकाएं तथा छात्राएं उपस्थित रहें।
