वाराणसी।रोटरी क्लब वाराणसी सेंट्रल द्वारा रविवार को आयोजित एक विशेष समारोह में दिवंगत रोटेरियन श्री राजेंद्र मोहन पाठक को समाज सेवा में उनके आजीवन योगदान के लिए स्मरणांजलि सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उनकी धर्मपत्नी श्रीमती भारती पाठक ने ग्रहण किया।

समारोह का क्षण भावुक और अविस्मरणीय बन पड़ा, जब स्मृतियाँ सभी की आँखों को नम कर गईं और मानो दिवंगत रोटेरियन पाठक की मुस्कान पुनः उपस्थित हो गई।

रोटरी इंटरनेशनल विश्व के 200 से अधिक देशों में 35,000 से अधिक क्लबों और 12 लाख से अधिक सदस्यों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सेवा कार्य कर रहा है। इसी वैश्विक सेवा आंदोलन से जुड़कर स्व. पाठक ने अनेक सामाजिक परियोजनाओं को साकार किया।

उनकी सबसे स्मरणीय पहल 29 जून 2014 की थी, जब उन्होंने अपनी पत्नी श्रीमती भारती पाठक के साथ मिलकर वंचित छात्राओं और ज़रूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें प्रदान कीं। उस कार्यक्रम में पिताजी ने कहा था—

“हम केवल मशीनें नहीं दे रहे हैं, हम भविष्य की चाभी सौंप रहे हैं। बेटी और माँ को आत्मनिर्भर बनाना ही समाज की सबसे बड़ी सेवा है।”

दुर्भाग्यवश, यह उनका अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम सिद्ध हुआ और कुछ ही महीनों बाद वे स्वर्गवासी हो गए।

आज, 11 वर्ष बाद रोटरी द्वारा उनके योगदान को मिली यह औपचारिक मान्यता केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उनके सेवा-संकल्प का अमर संदेश है।

श्रीमती भारती पाठक ने इस अवसर पर कहा —“यह क्षण हमारे परिवार के लिए भावनात्मक संबल है। यह सम्मान हमें विश्वास दिलाता है कि उनके आदर्श और कर्म सदैव जीवित रहेंगे।”

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