वाराणसी। सुरों और लोकसंस्कृति की गंगा-जमुनी परंपरा को संजोए हुए कजरी महोत्सव में इस बार शहर की लोकगायकी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी विभूतियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में वाराणसी की मेयर ने प्रसिद्ध लोकगायक चन्द कांत सिंह चंदू को सम्मानित किया।

मेयर ने उन्हें शॉल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर लोकसंगीत और समाज सेवा में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि चंदू जी ने कजरी, बिरहा और अन्य लोकगायन विधाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में उल्लेखनीय कार्य किया है। उनके स्वर ने न केवल पूर्वांचल बल्कि देशभर में भोजपुरी लोकधारा को नई पहचान दिलाई है।

सम्मान ग्रहण करते हुए चन्द कांत सिंह चंदू भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि वाराणसी की मिट्टी ने उन्हें गाने की प्रेरणा दी और यहां के श्रोताओं का स्नेह ही उनकी असली पूँजी है। उन्होंने वादा किया कि वे लोकसंस्कृति को और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।

कजरी महोत्सव के दौरान शहर और आसपास से आए कलाकारों ने कजरी, ठुमरी और अन्य लोकगीत प्रस्तुत कर समां बांधा। कार्यक्रम स्थल पर श्रोताओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट गूँजती रही।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी आगंतुकों, कलाकारों और मेयर का आभार व्यक्त किया। यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है बल्कि लोककलाकारों को मंच प्रदान कर उनकी मेहनत को सम्मान भी दिलाता है।

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