
वाराणसी।वसंत कन्या महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा ओशन सेल फोरम के सहयोग से 18 सितंबर से 20 सितंबर तक अनुसंधान पद्धति और शोध प्रबंध लेखन पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को शोध प्रक्रिया, शोध प्रबंध संरचना, डेटा विश्लेषण और व्याख्या तकनीकों की समग्र समझ प्रदान करना था। प्रथम दिन कार्यशाला का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने शोध को उच्च शिक्षा का आधार बताते हुए कहा कि यह छात्राओं की आलोचनात्मक सोच और अकादमिक दृष्टि को विकसित करने का महत्वपूर्ण साधन है।
उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे शोध कार्य में गंभीरता, अनुशासन और मौलिकता को सदैव प्राथमिकता दें।
इसके पश्चात् समाजशास्त्र विभाग की प्रमुख डॉ. कल्पना आनंद ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने अथितियो का स्वागत किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य एवं महत्त्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. अखिलेश कुमार राय, सहायक प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग ने “अनुसंधान पद्धति” विषय पर थीम प्रेज़ेंटेशन प्रस्तुत किया।
प्रथम सत्र में डॉ. अंशु शुक्ला, मुख्य अतिथि, एसोसिएट प्रोफेसर, होम साइंस विभाग ने “शोध प्रबंध लेखन की संरचना” पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने शोध प्रबंध के विकास की प्रक्रिया, अध्यायों के संगठन, उचित उद्धरण पद्धतियाँ, शोध प्रश्नों के निर्माण और लेखन में अकादमिक अनुशासन बनाए रखने की रणनीतियों पर विशेष बल दिया।
द्वितीय सत्र में डॉ. विजय कुमार, सहायक प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग ने “डेटा विश्लेषण और व्याख्या” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सांख्यिकीय उपकरणों के उपयोग, विभिन्न डेटा विश्लेषण तकनीकों और शोध से सार्थक निष्कर्ष निकालने हेतु सही व्याख्या की महत्ता को रेखांकित किया। प्रथम सत्र का संचालन दिक्षिता फुकन और रिचा ने किया, और द्वितीय सत्र का संचालन अस्मिता और अर्घ्यरूपा साहू जिन्होंने कार्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित किया। कार्यशाला की संपूर्ण रिपोर्ट मास्टर्स फाइनल की ह्रदयांशी द्वारा संकलित की गई। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों डॉ सपना भूषण, डॉ. अनुराधा बापुली और डॉ. सिमरन सेठ की उपस्थिति ने भी प्रतिभागियों को प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान किया।
