वाराणसी।संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के श्रमण विद्या संकाय के अंतर्गत संस्कृत विद्या विभाग में माननीय राज्यपाल के निर्देश के क्रम में दीक्षोत्सव के उपलक्ष्य में विविध प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा शास्त्र विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर विशाखा शुक्ला ने भाषण एवं लेखन की कलाओं पर प्रकाश डालते हुए छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए बतौर मुख्य अतिथि कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय में दीक्षोत्सव का आयोजन एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जो विद्यार्थियों को ज्ञान और संस्कृति के महत्व को समझने और अपनाने के लिए प्रेरित करती है।

मुख्य वक्ता प्रोफेसर शैलेश कुमार मिश्रा ने अपने उद्बोधन में छात्रों को शास्त्र के साथ-साथ संगठन की आज्ञा पर प्रकाश डाला और बताया कि सभी छात्रों को अपने परीक्षा फॉर्म एवं विश्वविद्यालय से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रपत्र को स्वयं परिपूरित करने का ज्ञान अवश्य करना चाहिए। दीक्षोत्सव का आयोजन एक महत्वपूर्ण और पवित्र अवसर है, जिसमें विद्यार्थियों को ज्ञान और संस्कृति की दीक्षा दी जाती है। इस पर्व के माध्यम से, विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कृति और परंपरा के महत्व को समझने और अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर रमेश प्रसाद ने बतौर अध्यक्षीय उद्बोधन छात्रों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने की प्रेरणा देते हुए संस्कृत संभाषण हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने लेखन एवं भाषण की पद्धतियों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को सुलेख की प्रेरणा भी दी।

भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मयंक कुमार, द्वितीय स्थान शालिनी पांडे और तृतीय स्थान अंशिका तिवारी को प्राप्त हुआ। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंजिका तिवारी, द्वितीय स्थान विवेकी झा और तृतीय स्थान तपस्या चौबे को प्राप्त हुआ। देशभक्ति गीत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अक्षय दीप कसौधन, द्वितीय स्थान साक्षी पांडे और तृतीय स्थान जितेंद्र कुमार को प्राप्त हुआ। काव्य लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शिवम मौर्य, द्वितीय स्थान अक्षय दीप कसौधन और तृतीय स्थान शिवाकांत पांडे को प्राप्त हुआ।

इस प्रतियोगिता में संस्कृत प्रमाण पत्र विभाग के रूस देश के नागरिक कुचुक अर्तेमी भी ने भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया।

मंगलाचरण एवं मंचस्थ अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।

इस प्रतियोगिता के संयोजक डॉ रविशंकर पांडेय और सह संयोजक डॉ अरुण कुमार थे। प्रतियोगिता का समन्वय बालेश्वर झा ने किया और संचालन विभागीय छात्र शिवम मौर्य ने किया। कार्यक्रम में डॉ श्रवण कुमार, डॉ सूरजभान, डॉ मुकेश मेहता, डॉ नीतू यादव और डॉ लेखमणि त्रिपाठी सहित विश्वविद्यालय के अन्य विद्वान अध्यापक उपस्थित रहे।

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