
अजमीढ़ देव जयन्ती पर अवकाश घोषित करने मांग
वाराणसी। स्वर्णकार समाज के सिरमौर महाराजा अजमीढ़ देव जी की जन्मस्थली हस्तिनापुर में समाज की राष्ट्रीय संस्था स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान का तीन दिवसीय राष्ट्रीय महा समागम संपन्न हुआ।
स्वर्णकार महा समागम में भारत वर्ष के 16 प्रदेशों से आना था पर खराब मौसम के कारण 10 से अधिक प्रदेश जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब आदि से प्रतिनिधि शामिल रहे।
काशी से प्रतिनिधित्व करने जिलाध्यक्ष किशोर सेठ व महिला नगर अध्यक्ष सुनीति सिंह के नेतृत्व में स्वर्णकार महासमागम में भाग लेकर लौटने के पश्चात राष्ट्रीय चेयरमैन रवि सर्राफ ने बताया कि ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि कहीं भी बैठक या सम्मेलन हो “मंच, माला और मनी” को दूर रखा जाए, इससे आपसी विद्वेष बढ़ता है। ₹1 की सदस्यता रखने का एकमात्र उद्देश्य है कि समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को भी सपरिवार जोड़ा जा सके।
उन्होंने बताया कि स्वहित की तिलांजलि देकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रजातांत्रिक व्यवस्था में जिस एकजुटता और मजबूती से अपनी बातों को रखा जाना चाहिए था, इस पर स्वर्णकार समाज ने कभी ध्यान ही नहीं दिया नतीजा यह हुआ कि समाज को एकता के सूत्र में बांधकर समाज नेतृत्व का उदय ही नहीं हुआ। हमें यह कहने में जरा भी झिझक नहीं है कि आज देश में छोटी-छोटी जातियां सत्ता का सुख ले रहीं है और उनके अधिकारों की बात संसद में होती है। स्वर्णकार समाज की चर्चा कोई नहीं करता क्योंकि हमारा संसद या विधानसभा में प्रतिनिधित्व इक्का-दुक्का ही है। इसीलिए आज भी स्वर्णकार समाज के सामने राजनीतिक पहचान का संकट है। हमें याद रखना चाहिए कि जिन जातियों की राजनीतिक पहचान नहीं होती उनका समाज में कोई वजूद ही नहीं होता। स्वर्णकार समाज के लोगों को हर जगह गर्व से कहना होगा कि हां हम सोनार हैं, पिछड़े हैं, कमजोर हैं, लेकिन देश की आबादी में हम सबकी 5% से अधिक भागीदारी भी है, लिहाजा राजनीतिक में भागीदारी मिलनी ही चाहिए। पूर्वांचल स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनार धर्मचंद वर्मा ने अपने संगठन का विलय किया।
कार्यक्रम के पहले दिन रविवार को स्वर्णकार समाज के सिरमौर महाराजा अजमीढ़ देव जी, महाराजा अमरीष जी तथा संत शिरोमणि नरहरी दास की तस्वीर के समक्ष मुख्य अतिथि पूर्व निदेशक मीडिया, मुख्य सचिव/प्रभारी मा० मुख्यमंत्री इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं गृह मीडिया सेल उत्तर प्रदेश शासन दिवाकर जी, राष्ट्रीय संरक्षक कृष्ण नारायण सोनी, राष्ट्रीय संयोजक इंजीनियर योगेंद्र कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष शारदा शंकर सिंह तथा राष्ट्रीय चेयरमैन रवि सर्राफ ने दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किया।
राष्ट्रीय संयोजक इंजीनियर योगेंद्र कुमार ने कहा कि कई वर्षों से चर्चा करने के पश्चात् वर्ष 2023 में इसका विधिवत रजिस्ट्रेशन कराया गया, जिसका मुख्यालय (हस्तिनापुर) मेरठ में है। उन्होंने कहा कि इस संस्था में मैढ़, माहौर, क्षत्रिय सहित सोनार जाति के जितने संगठन है, सभी को समाहित किया गया है।
पहले दिन सभी 10 प्रदेशों के प्रतिनिधियों का परिचय कराया गया फिर उन्हें पटका और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
दूसरे दिन स्वर्णकार समाज के सिरमौर महाराजा अजमीढ़ देव जी, महाराजा अमरीष जी तथा संत शिरोमणि नरहरी दास की प्रतिमूर्ति सुसज्जित रथ पर सवार होकर गाजे बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। तत्पश्चात् देश के 10 राज्यों के प्रतिनिधियों का संवाद कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। जिसमें वक्ताओं ने शरद पूर्णिमा के दिन महाराजा अजमीढ़ देव जी की जयंती पर अवकाश घोषित करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि उस दिन वाल्मीकि जयंती तो घोषित है, पर महाराज अजमीढ़ देव जी के नाम पर भी अवकाश घोषित होना चाहिए।
इस दौरान उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ज्योति सोनी ने कहा कि अगले 6 महीनों में प्रदेश के अधिकांश जनपदों में दौरा कर महिलाओं की टीम का गठन कर समाज की नारी शक्ति को मजबूत किया जाएगा।
समारोह के तीसरे दिन प्रतिनिधियों का विदाई समारोह तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।
समारोह का संचालन राष्ट्रीय संयोजक इंजीनियर योगेंद्र कुमार ने किया।
महासमागम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय संरक्षक कृष्ण नारायण सोनी, राष्ट्रीय संयोजक इंजीनियर योगेंद्र कुमार, राष्ट्रीय चेयरमैन रवि सर्राफ, राष्ट्रीय अध्यक्ष शारदा शंकर सिंह (झांसी), राष्ट्रीय महासचिव अनिल चंचल, राकेश वर्मा, भारती वर्मा, व उदय सोनी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष चंदूलाल वर्मा, अमरनाथ सोनी (छत्तीसगढ़), डॉक्टर भरत वाघ (महाराष्ट्र), प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सोनी, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति सोनी, दुर्गा प्रसाद सेठ व संजय सेठ (प्रयागराज), डॉ सरोज सोनी (रीवां), जयश्री सोनी (छत्तीसगढ़), अरविंद वर्मा (उज्जैन), रौनी वर्मा, किशोर सेठ, सुनिति सिंह, सोनार धर्मचंद वर्मा, मीनाक्षी सेठ सहित सैकड़ो प्रतिनिधि शामिल रहे।
