हिन्दी हमारी संस्कृति और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है:- कुलपति 

 

वाराणसी।संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने शनिवार को कुलपति कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त समारोह में गत दिनों सम्पन्न हुए आधुनिक भाषा एवं भाषा विज्ञान के अन्तर्गत हिन्दी पखवाड़ा कार्यक्रम (09 सितम्बर से 13सितम्बर)के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहभागिता करने वाले विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र देकर पुरस्कृत किया।

कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि हिन्दी हमारी संस्कृति और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके प्रचार-प्रसार में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। हिन्दी के प्रति गर्व और समर्पण का महत्व है। हमें इसके विकास के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। हिन्दी भाषा का सांस्कृतिक महत्व है। सभी को हिन्दी के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. शर्मा ने विजेताओं को बधाई देते हुए हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए सभी को प्रयास करने संकल्प दिलाया।

न्याय शास्त्र के उद्भट विद्वान् प्रो रामपूजन पांडेय ने कहा कि हमारी संस्कृति, संस्कार एवं भारतीयता देववाणी संस्कृत के बेटी हिन्दी के माध्यम से सर्वसुलभ भाषा बनकर एकता के भाव का संदेश देती है।

इस अवसर पर इस कार्यक्रम के समन्वयक एवं विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो जितेन्द्र कुमार ने स्वागत और अभिनन्दन करते हुए कहा कि हिन्दी भारत की आत्मा है, इसके संरक्षण से भाषा संबंधित विचार की एकता अखंडता वृहद रूप में दिखाई दे रहा है।आज राजभाषा हिंदी के विकास के लिए सभी कार्य हिन्दी में ही किए जा रहे हैं।

संचालन एवं संयोजिका प्रो विद्या कुमारी चंद्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं भारतीयता का भाव हिन्दी भाषा के विभिन्न विकास और आयाम से परिलक्षित होता है।आज सरकार द्वारा हिन्दी दिवस के पूर्व सप्ताहव्यापी अथवा पखवाड़े के कार्यक्रम आयोजित कर हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार गतिशीलता के साथ अग्रसर है।

हिन्दी पखवारे के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहभागिता करने वाले विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

*निबन्ध लेखन*

प्रथम- मातंगी प्रिया द्वितीय – तान्या श्रीवास्तव तृतीय – रोहित कुमार प्रजापति

*भाषण प्रतियोगिता*

प्रथम – विपुल पाण्डेय द्वितीय- झंडू कुमार तृतीय – अवनीश कुमार राय

*स्वरचित कविता पाठ*

प्रथम- आनन्द कुमार झा द्वितीय – शौर्या सिंह तृतीय- ऋषि तिवारी।

इस अवसर पर प्रो रामपूजन पांडेय सहित सभी प्रतियोगी आदि उपस्थित थे।

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