
नजर न्यूज नेटवर्क/विशेष संवाददाता
वाराणसी। अयोध्या से प्रभु श्रीराम को वनवास से वापस लाने के उद्देश्य से भरत जी, अनुज शत्रुघ्न, माताओं कौशल्या, सुमित्रा एवं कैकेयी तथा गुरु वशिष्ठजी के साथ चित्रकूट पहुंचे। इस यात्रा में चतुरंगी सेना के साथ असंख्य अयोध्यावासी भी सम्मिलित थे।
मार्ग में ग्रामवासियों ने भरत जी और अयोध्यावासियों का हार्दिक स्वागत किया। श्रद्धा और प्रेमपूर्वक ग्रामीणों ने कंद-मूल, फल-फूल अर्पित कर सत्कार किया। चित्रकूट पहुंचने पर भरत जी और अयोध्यावासियों का प्रभु श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मणजी से मिलन हुआ। यह मिलन अत्यंत भावुक और हृदयस्पर्शी दृश्य रहा।
गुरु वशिष्ठजी और माताओं ने प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लिया, वहीं भरत जी प्रभु के चरणों में गिरकर उन्हें अयोध्या लौट चलने का आग्रह करने लगे। भरत जी ने स्पष्ट कहा कि उन्हें राज्य या सिंहासन की कोई अभिलाषा नहीं है, वे केवल चाहते हैं कि अयोध्यावासी अपने प्रिय रामराज्य का सुख पुनः प्राप्त करें।
इस अवसर पर निषादराज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी उपस्थित रहे और इस ऐतिहासिक मिलन के साक्षी बने।
